बस्तर में केंद्रीय गृह मंत्री की PC : अमित शाह बोले- नक्सलवाद के खात्मे के बाद जनता में जगा विश्वास, शहीद गुण्डाधूर सेवा डेरा में मिलेंगी सभी सुविधाएं

बस्तर में केंद्रीय गृह मंत्री की PC : अमित शाह बोले- नक्सलवाद के खात्मे के बाद जनता में जगा विश्वास, शहीद गुण्डाधूर सेवा डेरा में मिलेंगी सभी सुविधाएं

जगदलपुर(अमर छत्तीसगढ़) 19 मई । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय बस्तर दौरे पर हैं। मंगलवार को मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक खत्म होने के बाद श्री शाह ने कहा कि, कल से मैं यहां हूँ, बस्तर की जनता में उत्साह- विश्वास और भविष्य के प्रति आश्वस्ता का वातावरण सर्व दूर नजर आता है। भय का माहौल, बंदूकों के साए में जीवन जीने का औतार समाप्त होकर एक मुक्त सांस पूरा बस्तर ले रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि, हमारे लिए बड़ा आनंद का विषय है कि, बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है। इसमें कुछ तिथियों का बहुत बड़ा महत्त्व है। जिनमें पहली तिथि, 13 दिसंबर 2023 जब छत्तीसगढ़ में हमारी बीजेपी की सरकार बनी। यहां पर पहले कांग्रेस की सरकार थी, तब की कांग्रेस सरकार ने हमारा समर्थन नहीं किया था। 13 दिसंबर 2023 में यहां भाजपा सरकार बनने के तुरंत बाद हमने बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को समाप्त करने की कवायद शुरू की।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने आगे कहा कि, दूसरी 24 अगस्त 2024 में सभी राज्यों के DG की बैठक करने के बाद यह घोषणा की गई कि, 31 मार्च 2026 को देश को हम नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कर देंगे। तीसरी तिथि 31 मार्च 2026 को सुरक्षाबलों के साहस, पराक्रम और बलिदान की वजह से तय तिथि से पहले ही देश से नक्सलवाद का उन्मूलन हो चूका था। चौथी 19 मई 2026 इसका भी एक विशेष महत्व है।

उन्होंने आगे कहा कि, पहले कुछ बुद्धजीवी नक्सलबाड़ी से नक्सलवाद शुरू होने के पहले यह कहते थे कि, यह इसलिए अस्तित्व में आया है। क्योंकि, कुछ क्षेत्र में विकास नहीं पहुंचा है। जबकि यह वास्तविकता नहीं थी। आज पीछे मुड़कर देखते हैं तो विकास ना पहुंचने का कारण ही नक्सलवाद था।

देश में कई सारे हिस्से ऐसे थे, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से ज्यादा पिछड़े हुए थे। लेकिन वहां नक्सलवाद नहीं हुआ और वो क्षेत्र धीरे- धीरे आगे बढ़ गए। लेकिन बस्तर सहित कई सारे क्षेत्र जो नक्सल प्रभावित रहे।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने आगे कहा कि, 19 मई 2026 की वह तिथि है, जहां से नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सम्पूर्ण विकास की परियोजना को लांच किया जा रहा है। कल ही मैंने वीर शहीद गुण्डाधूर सेवा डेरा केंद्र का उद्घाटन किया है।

वीर शहीद गुण्डाधूर सेवा केंद्र के तहत बस्तर 7 जिलों में 200 सेवा केंद्र बनाए थे। पहले इस कैंप में CAPF, DRG और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान रहकर क्षेत्र की सेवा करते थे. बस्तर के नक्सल मुक्त होने के बाद हमने तय किया है कि, इनमे से 70 कैंप को हम वीर शहीद गुण्डाधूर सेवा डेरा में तब्दील करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि, वीर शहीद गुण्डाधूर सेवा डेरा का काम होगा, सरकार और सरकारी योजना को बस्तर के गांव के दरवाजे तक लेकर जाना। इस सेवा डेरा में बैंकिंग, आधार कार्ड सहित सारी डिजिटल सेवाएं दी जाएंगी।

इसके साथ ही यहां कौशल विकास सहित सभी प्रकार की सेवाएं दी जाएंगी। स्वास्थ्य सेवाएं भी वहां पर उपलब्ध होंगी। सभी योजना का शत प्रतिशत लाभ मिलेगा। सेवा डेरा महिलाओं का आजीविका का साधन होगा।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने आगे कहा कि, बस्तर में हर एक परिवार को एक भैंस दिया जायेगा। बस्तर में कॉपरेटिक डेयरी शुरू होगा। नक्सलियों के आतंक के कारण अब तक पूरा बस्तर विकास के लिए महरुम रहा।

सड़क का निर्माण किया, 13 हजार मोबाइल टावर लगाया, 1804 बैंक खोले, 259 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले, 90 हजार से ज्यादा युवाओं का स्कील डेवलप किया गया।

युवाओं को स्कील डेवलप किया गया। 45 हजार लोगों ने बस्तर पंडुम शामिल हुए. बस्तर ओलंपिक में 3 लाख 94 हजार खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक में शामिल हुए। देश में सभी आदिवासी संभागों में से बस्तर संभाग सबसे संबृद्धि होगी बनेगा।

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