गुणानुवाद सभा..असली त्याग संथारा है जो विनय वान व्यक्ति ही ले सकता है – श्री श्रुतप्रभ जी

गुणानुवाद सभा..असली त्याग संथारा है जो विनय वान व्यक्ति ही ले सकता है – श्री श्रुतप्रभ जी

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 8 अप्रैल।
समता भवन मे आचार्य श्री रामेश व उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म सा की महतीकृपा से प्रयाय ज्येष्ठ श्री अनन्त मुनि जी म सा आदि ठाणा 8 शासन दीपिका श्री रोशनकंवर जी म सा आदि ठाणा 7 शासन दीपिका श्री विध्यावती जी म सा आदि ठाणा 4 व शासन दीपिका श्री मनीषा श्री जी म सा आदि ठाणा 3 के सानिध्य मे आज बुधवार को श्रीरामदीपा जी म सा का नोखा मे संथारा सहित देवलोक गमन हो गया जिसकी गुणानुवाद सभा रखी गयी।


इस अवसर पर शासन दीपक श्री श्रुतप्रभजी म सा ने कहा असली त्याग संथारा का होता है, जैन धर्म मे सबसे प्रमुख विनय है जो उसे विशेष जगह पहुंचा देता है, विनय कोई अपेक्षा नही इच्छा नही सिर्फ समर्पित होता है आठ कर्मो का क्षय करे वह विनय होता है, विनय वाला ही गुरू के सामने सयंम लेकर सलेखना संथारा ले लेता है जैसे श्रीरामदीपा जी म सा ने संथारा लेकर गुरु के सामने ही अंत हुआ।


म सा ने कहा पहले विनय को समझना विनय समाधि अनुशासित होना केसा भी कष्ट आ जाये संथारा एक दिन मे नही आता बारह साल से पेक्टिस करनी पडती है तब संथारा मिलता है, म सा ने कहा जिनवाणी माल की तरह है इसमे सभी तरह की वैरायटी होती है जिसमे कोई न कोई चीज पंसद आयेगी ही आयेगी। रामगुरु सभी आत्मा का कल्याण करने मे लगे रहते है जैसे रामदीपा जी को दीक्षा देकर उनका कल्याण कर दिया जानते थे वो बिमार है उनकी शरण मे आते ही कल्याण हो गया।


शासन दीपिका विध्यावती जी म सा ने कहा श्री रामगुरु के शासन मे जिन चरित्र आत्मा का अपार जोश रहा श्री स्वाती श्रीजी म सा की बहन ने गुरूदेव के दर्शन करने पर सयंम पद पर आगे बढी बिमारी के बाबजूद दो अप्रेल को सयंम स्वीकार कर लिया कल मंगल वार को संथारा उपाध्याय प्रवर से लिया गया आज बुधवार को सुबह सीज गया।
म सा ने कहा हमारे शरीर मे अनन्त रत्न भरे है अंत समय मे उसे ऐसा नही फैके संथारा दिलाकर ताकि उनको केवल ज्ञान हो सके। भजन से कहा गुरुदेव के चरणो मे गिराना नही, चाहे कितनी सजा दे दो, उन्होंने ज्ञान, दर्शन चरित्र तप करके दीक्षा ले ली उधर रतलाम मे श्री रामकिर्तियशा जी म सा का संथारे का आज 38 वा दिन चल रहा है।
श्री पराग श्री जी म सा ने कहा हमारी जिंदगी कि सुरज उगने से पहले उसका यूज कर ले राम दीपा जी ने विचारों से आत्मसाथ कर लिया सुरज उगने से पहले ही आत्मा का यूज कर लिया।
शासन दीपिका श्री मनीषा श्री जी म सा ने कहा सुर्य प्रकाश देता है जो दूर दूर तक ऊर्जा देता है, वैसा ही रामदीपाजी ने अपना मनोरथ पूर्ण करके गुरु चरणो देवलोक हो गये।
संचालन महामंत्री धर्मीचंद औस्तवाल ने करते हुए कहा आज रामगुरु के शासन मे रामदीपा जी ने राम को दीपा दिया कल नवकार दिवस होने से प्रवचन सुबह साढे छ से साढे सात बजे तक होगा।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

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