नहीं रहीं पद्म विभूषण तीजन बाई : एम्स अस्पताल में सुबह 3:15 बजे ली अंतिम सांस, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

नहीं रहीं पद्म विभूषण तीजन बाई : एम्स अस्पताल में सुबह 3:15 बजे ली अंतिम सांस, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

दुर्ग(अमर छत्तीसगढ़) 5 जुलाई । छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने वाली अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई का रविवार 3:15 बजे रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थीं और अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था।

उनके निधन की खबर मिलते ही कला, साहित्य और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके साथ पंडवानी की एक स्वर्णिम पीढ़ी का अध्याय भी मानो समाप्त हो गया। उनकी बहू रेणु देशमुख ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि तीजन बाई की सांसें करीब 3:15 बजे थम गईं।

जानकारी के मुताबिक, तीजन बाई पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित ग्राम गनियारी में किया जाएगा।

तीजन बाई केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की सबसे सशक्त पहचान थीं। उन्होंने अपना पूरा जीवन पंडवानी कला के संरक्षण और नई पीढ़ी तक उसकी विरासत पहुंचाने में समर्पित कर दिया। उनके निधन पर मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों, कलाकारों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सांस्कृतिक जगत की अपूरणीय क्षति बताया।

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