धमतरी(अमर छत्तीसगढ़) 15 जुलाई । महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना के चलते पॉक्सो के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), धमतरी द्वारा 13 जुलाई 2026 को सुनाया गया।
मामले में ग्राम पावद्वार, थाना सिहावा निवासी किशन यादव को भारतीय न्याय संहिता की धारा 332 एवं 64(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी ठहराया गया। न्यायालय ने धारा 332 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड, जबकि पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 3,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
प्रकरण की विवेचना सहायक उप निरीक्षक दुलाल नाथ ने वैज्ञानिक साक्ष्यों एवं मजबूत अनुसंधान के आधार पर की। विवेचना के दौरान जुटाए गए ठोस साक्ष्यों और न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण के कारण अभियोजन आरोपी का अपराध सिद्ध कराने में सफल रहा।
धमतरी पुलिस ने कहा कि, महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में उसकी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी। ऐसे मामलों में त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना कर दोषियों को कठोर से कठोर दंड दिलाने के लिए पुलिस निरंतर प्रतिबद्ध है।

