विधानसभा में सियासी अविश्वास प्रस्ताव पर घमासान : नेता प्रतिपक्ष महंत का हमला, बोले- ‘यह छले गए विश्वास का दस्तावेज’

विधानसभा में सियासी अविश्वास प्रस्ताव पर घमासान : नेता प्रतिपक्ष महंत का हमला, बोले- ‘यह छले गए विश्वास का दस्तावेज’

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 17 जुलाई । छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे “हवा-हवाई बातें” करने नहीं आए हैं, बल्कि 136 बिंदुओं का आरोप-पत्र लेकर खड़े हैं, जो जनता के टूटे विश्वास और सरकार की विफलताओं का दस्तावेज है।

डॉ. महंत ने कहा कि कांग्रेस में सभी फैसले आपसी चर्चा और सहमति से लिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल का हर सप्ताह षड्यंत्र और जनविरोधी निर्णयों से भरा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है, इसलिए विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इससे पहले भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने अविश्वास प्रस्ताव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विधानसभा के 25 वर्षों के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि नेता प्रतिपक्ष स्वयं अविश्वास प्रस्ताव पेश कर रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि शायद विपक्ष को अपने बाकी सदस्यों पर भरोसा नहीं रहा, इसलिए नेता प्रतिपक्ष को खुद प्रस्ताव रखना पड़ा।

विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले समय में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक हमले तेज होने की संभावना है। विपक्ष ने अपने 136 बिंदुओं के आरोपों के जरिए सरकार को कठघरे में खड़ा करने की रणनीति बनाई है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है।

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