11 उपवास तक पहुंची तपस्या, संवत्सरी के बाद 16 से 18 तक तपस्वियों के पारणा और बहुमान, फिर क्षमायाचना

11 उपवास तक पहुंची तपस्या, संवत्सरी के बाद 16 से 18 तक तपस्वियों के पारणा और बहुमान, फिर क्षमायाचना

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 14 सितंबर । आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 के अंतर्गत पर्युषण महापर्व के समापन के बाद भी दादाबाड़ी और सदर बाजार जैन मंदिर में धर्म आराधना का क्रम जारी रहेगा। 16 से 18 सितंबर तक तपस्वियों के सामूहिक पारणा, तप आराधकों के वरघोड़े, बहुमान और सामूहिक क्षमायाचना सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। वहीं संवत्सरी के अवसर पर सदर बाजार मंदिर में भव्य रंगोली और भगवान की विशेष आंगी सजाई गई है, जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं से मंदिर पहुंचने का आग्रह किया गया है।

सदर बाजार मंदिर में सजी भव्य आंगी और रंगोली

संवत्सरी महापर्व के अवसर पर आज सदर बाजार स्थित जैन मंदिर में आकर्षक रंगोली बनाई गई है। इसके साथ ही भगवान की भव्य आंगी भी तैयार की गई है। मंदिर की विशेष सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मंदिर आने वाले श्रद्धालु भगवान के विशेष श्रृंगार और रंगोली के दर्शन कर धर्मलाभ ले सकते हैं।

सदर बाजार मंदिर में पुरुषों द्वारा विशेष रूप से मांडला भी सजाया गया है। श्रद्धा और सामूहिक सहभागिता के साथ तैयार किए गए मांडले और आंगी ने मंदिर के वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया है। श्रीसंघ की ओर से श्रद्धालुओं से आज मंदिर पहुंचकर इन विशेष धार्मिक सजावट के दर्शन करने का आग्रह किया गया है।

16 सितंबर को होगा सामूहिक पारणा

16 सितंबर, बुधवार को सुबह 7.30 बजे श्री जिनकुशल सूरी हॉल, दादाबाड़ी एमजी रोड में तपस्वियों का सामूहिक पारणा होगा। आयोजन में प. पू. कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका प्रवर्तिनी महोदया निपुणा श्रीजी म.सा. की विदुषी शिष्या प्रवचन प्रभाविका प. पू. मंजुलाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा रहेगी।

सामूहिक पारणा का लाभ श्रीमती बसंतीदेवी, हेमंतकुमारजी-सुमनजी, पूनमचंदजी-मीतादेवी, आस्था-उमंगजी छाजेड़ (रतलाम), अनुज, पुष्पित, करण, सेजल, इशिका एवं समस्त लुंकड़ परिवार रायपुर द्वारा लिया जाएगा।

तप आराधकों का वरघोड़ा और बहुमान

17 सितंबर, गुरुवार को सुबह 8 बजे तप आराधकों का वरघोड़ा निकलेगा। सुबह 9 बजे तपस्वियों का बहुमान किया जाएगा और सुबह 10 बजे सामूहिक क्षमायाचना का आयोजन होगा।

17 सितंबर के आयोजन

सुबह 8 बजे — तप आराधकों का वरघोड़ा
सुबह 9 बजे — तप आराधकों का बहुमान
सुबह 10 बजे — सामूहिक क्षमायाचना
इसके बाद — साधार्मिक वात्सल्य

कार्यक्रम के बाद साधार्मिक वात्सल्य का आयोजन होगा, जिसका लाभ श्री उपहारजी-पूजाजी, सानवी एवं मौलिक चोपड़ा परिवार, श्री उपहार कार्ड्स, एमजी रोड रायपुर द्वारा लिया जाएगा।

सम्मेद शिखर तप आराधकों का पारणा

18 सितंबर, शुक्रवार को सुबह 9 बजे श्री जिनकुशल सूरी हॉल, दादाबाड़ी में सम्मेद शिखर तप आराधकों का पारणा होगा। इस आयोजन में भी प. पू. मंजुलाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा रहेगी। पारणा का लाभ श्री उपहारजी-पूजाजी, सानवी एवं मौलिक चोपड़ा परिवार की ओर से लिया जाएगा।

लंबी तपस्या करने वाले तपस्वियों का हुआ बहुमान

चातुर्मास के दौरान अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने लंबी तप आराधना की। मौली भंसाली ने 10 उपवास, अनायशा कानूगा ने 8, नवनीत दुग्गड़ ने 8, निखिल बाखड़ा ने 11, कल्पना लुंकड़ ने 8, प्रेरणा सुराना ने 10, नेहल बैद ने 10, गुण बरलोटा ने 9 और हर्ष पुगालिया ने 9 उपवास किए। वहीं मंजू बाई कोटेचा का तेला पूर्ण हुआ। सभी तपस्वियों का श्रीसंघ की ओर से बहुमान किया गया।

पर्युषण महापर्व के दौरान हुई तप आराधना के बाद अब पारणा, तपस्वियों के सम्मान और सामूहिक क्षमायाचना के माध्यम से धर्म साधना का क्रम आगे बढ़ेगा। दादाबाड़ी और सदर बाजार मंदिर में होने वाले इन आयोजनों में श्रीसंघ के श्रद्धालुओं से सहभागी बनकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया गया है।

Chhattisgarh