राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 08 अक्टूबर ।
नगर निगम की सामान्य सभा में महापौर के अमर्यादित शब्द के प्रयोग को लेकर नेताप्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने कड़ा प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सदन में ऐसी भाषा का प्रयोग व्यवहार के निचले स्तर को साबित करता है। इसके लिए महापौर को विपक्ष के पार्षदों से माफी मांगनी चाहिए।
नेताप्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने कहा कि पाइप लाइन में हुए भ्रष्टाचार का मुद्दा जैसे ही सदन में उठा। महापौर आग बबूला हो गए। उन्होंने विपक्ष के पार्षदों के लिए मां का दूध पीने जैसे अमर्यादित शब्द का प्रयोग किया है। यह बेहद शर्मनाक हैं। महापौर मधुसूदन यादव सांसद रह चुके हैं। पूर्व में भी महापौर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
इसके बाद भी उनका सदन में ऐसी भाषा का प्रयोग करना भ्रष्टाचार के आरोपों पर उनकी खींझ को साबित कर रहा है। नेताप्रतिपक्ष पिल्ले ने कहा कि कांग्रेस पार्षद दल ने खरखरा से राजनांदगांव तक बिछी पाइप लाइन, शहर के 51 वार्डों में हो रही पानी की समस्या को लेकर महापौर मधुसूदन यादव से सवाल किया।
खुद भाजपा की एक पार्षद ने अपने वार्ड में हो रही पानी की समस्या को सदन में रखा। जबकि अमृत मिशन के नाम पर 200 करोड़ से अधिक राशि खर्च की जा चुकी है

