‎हमने गुरु भगवंतो से क्या प्राप्त किया,मनन करें-मौलिकप्रभ जी‎‎

‎हमने गुरु भगवंतो से क्या प्राप्त किया,मनन करें-मौलिकप्रभ जी‎‎


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‎राजनांदगांव (अमर छत्तीसगढ़) 3 नवम्बर। ” हमें गुरु भगवंतो का सहयोग सतत मिलता रहता है। चातुर्मास में भी हमने सत्संग का लाभ उठाया। गुरु भगवंतो से हमने इस दौरान क्या प्राप्त किया, उसपर मनन करें और अपने जीवन को बेहतर बनाएं। “उक्त उदगार खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर जी के सुशिष्य मौलिकप्रभ सागर जी ने  व्यक्त किए।
‎              मीडिया प्रभारी विमल हाजरा ने बताया कि ज्ञान वल्लभ उपाश्रय भवन में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में आज मुनि श्री मौलिकप्रभ सागर जी ने कहा कि गुरु भगवंतों का सहयोग एवं मार्गदर्शन तो हमें हमेशा मिलता रहता है किंतु क्या हमने सोचा कि इन 24 घंटों में हमने कितना समय गुरु भगवंतों के साथ सत्संग में बिताया? उन्होंने कहा कि हमें चिंतन करना चाहिए कि इस चातुर्मास में हमारे हाथ क्या आया।
‎           मुनि श्री मौलिकप्रभ सागर जी ने आगे फ़रमाया कि चातुर्मास संपन्न हो जाएगा और गुरु भगवंतों का विहार भी हो जाएगा। इस दौरान हमने गुरु भगवंतों से क्या प्राप्त किया है,उसका मनन करते हुए श्रद्धा भाव से कहें कि गुरु भगवंत आप हमारे जीवन में आए और हमारे जीवन में बहुत उपकार किया।

आपकी ऐसी ही कृपा बरसती रहे ताकि हमारा जीवन आपकी तरह बने और हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें । मुनि श्री श्रेयांशप्रभ सागर जी ने भी आज श्रावकों को संबोधित करते हुए जैन रामायण की कथा सुनाई।

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