दो दार्शनिक धाराओ का आध्यात्मिक मिलन

दो दार्शनिक धाराओ का आध्यात्मिक मिलन


घूम- दार्जिलिंग प बंगाल (अमर छत्तीसगढ) 26 फरवरी। युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनिश्री रमेश कुमार जी सहवर्ती मुनि रत्न कुमार जी सिक्किम दार्जिलिंग यात्रा कर रहे हैं। दार्जिलिंग का छह दिवसीय प्रवास सानन्द सम्पन्न करने के पश्चात आज मुनिद्वय घूम पधारे। घूम में उपसभा है। उपसभा संयोजक चम्पालाल जी सुराणा ने संतों का भावभरा स्वागत किया।
आज का प्रवास जैन होम स्टे में है। सुराणा परिवार ने भी अपने नव निर्मित जैन होम स्टे में संतों के पधारने पर स्वागत किया।
घूम समुद्रतल से लगभग 7407 फिट की ऊंचाई पर स्थित एक शहर है। हजारों पर्यटकों का आवागमन होता रहता है। जैन श्वेताम्बर तेरापंथ समाज के वर्तमान में सात परिवार यहां पर है। सभी में बहुत अच्छी भक्ति भावना है।

यहां तिब्बतियन और नेपाली समाज भी बहुत संख्या में है। मुनि रमेश कुमार जी आज मध्यान्ह में स्थानिय प्रसिद्ध गुम्बा *”Guru sakya monastery पधारे। बौद्ध धर्म के लामा श्री Thupden chotta ने मुनिश्री रमेश कुमार जी का स्वागत किया। Thupden ने इस अवसर पर कहा जैन धर्म विश्व का सर्वोत्कृष्ट धर्म दर्शन है। मैं जैन धर्म से परिचित हूं। आप हमारे यहां पधारे बहुत अच्छा लगा।

मुनि रमेश कुमार जी ने कहा- जैन धर्म और बौद्ध धर्म दोनों ही श्रमण संस्कृति से जुडे हुये है। अहिंसा और करुणा को मानने वाले धर्म दर्शन है। हम आचार्य महाश्रमण जी के शिष्य है। सिक्किम दार्जिलिंग यात्रा करते हुए धर्म प्रचार का कार्य करते है।आपने अणुव्रत, जैन विश्व भारती संस्थान के बारे में भी जानकारी दी।

दार्जिलिंग में मंगल भावना कार्यक्रम

मुनिश्री रमेश कुमार जी ठाणा-2 का छह दिवसीय सफल प्रवास सानन्द सम्पन्नता के अवसर पर जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा दार्जिलिंग के तत्वावधान में मंगल भावना कार्यक्रम आयोजित हुआ।
इस अवसर पर मुनि रमेश कुमार जी ने दार्जिलिंग समाज को प्रेरणा देते हुए कहा- दार्जिलिंग साताकारी क्षेत्र है। सभी में अच्छी भक्ति भावना है। शनिवार की सामायिक सभी को सामूहिक करनी चाहिए। कभी कभी या सप्ताह में एक बार नमस्कार महामंत्र का सामूहिक जप भी होना चाहिए। अहमदाबाद चातुर्मास में आप लोगों का गुरुदेव के दर्शन जरुर करने है।

तेरापंथ सभा के अध्यक्ष मोतीलाल जी गदैया ने कहा – दार्जिलिंग वासी परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी के आभारी है। गुरुदेव ने पहाडी क्षेत्र की सार-संभाल के लिए मुनि रमेश कुमार जी के सिंघाडे को भिजाया। मुनिद्वय के दार्जिलिंग प्रवास में अच्छी धर्म जागरणा हुई। पहाडों की यात्रा कठिन होती है परन्तु मुनिश्री कठिनाई की प्रवाह नहीं करते है। हम मुनिद्वय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते है।
तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती बेला गदैया ने विचार व्यक्त किए। तेरापंथ महिला मंडल से श्रीमती प्रियंका राखेचा शिखा जैन ने और कमल जी भंसाली ने मंगल भावन गीत प्रस्तुत किया। संयोजन श्रीमती शिखा जैन ने कुशलतापूर्वक किया।

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