रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 27 फरवरी। मनोहर गौशाला खैरागढ़ के ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन (पदम डाकलिया) को पशु कल्याण एवं संरक्षण के लिए भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) द्वारा देश का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार ‘प्राणी मित्र’ से नवाजा गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन ने यह सम्मान प्रदान किया। इस मौके पर एडब्ल्यूबीआई के चेयरमैन अभिजीत मित्र भी मौजूद रहे। इस दौरान गौवंशों के लिए किए जा रहे उनके कार्य का दो मिनट का वीडियो भी दिखाया गया।
पेशे से कपड़ा व्यापारी अखिल जैन 24 घंटे गौसेवा के लिए समर्पित है। ‘गाय’ शब्द में ‘आय’ छिपा है। इस धेय के साथ वे गौ सेवा करते हैं। गाय और उसकी उपयोगिता उनके लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण है। उनका कहना है कि गाय मात्र पशु जनने वाली इकाई नहीं, बल्कि समूचा प्रकृति चक्र है।
मनोहर गौशाला में बीमार और बूढ़े हो चुके गौवंशों को विशेष आसरा दिया जाता है। इसके साथ ही वे गोबर और गोमूत्र से बने उत्पाद को बढ़ावा दे रहे हैं। गोमूत्र से बने फसल अमृत और मनोहर आर्गेनिक गोल्ड का खेती में उपयोग हो रहा है। इसका प्रमाण खुद इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने दिया है।
इसके अलावा गौ उत्पादों में टेबलेट, मूर्ति, चटाई, अगरबत्ती, माला का निर्माण किया जा रहा है। उनकी दुकान में अाने वाली ‘चंद्रमणि’ नामक गाय ने उन्हें विश्व ख्याति प्रदान की है। हाल ही में उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण से भी सम्मानित किया गया है। अब उन्हें केंद्र से सम्मान दिया गया है।

भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के बारे में…
भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड देश भर में पशु कल्याण कानूनों पर एक वैधानिक सलाहकार निकाय है और देश में पशु कल्याण को बढ़ावा देता है। बोर्ड की स्थापना जीव जन्तुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 (1960 की सं. 59) की धारा 4 के अधीन सन् 1962 में प्रख्यात मानवतावादी स्व. श्रीमती रूक्मिणी देवी अरूण्डेल के नेतृत्व में प्रारम्भ किया था। बोर्ड जीव जन्तु कल्याण संबंधी प्रावधानों का सुचारू रूप से पालन सुनिश्चित करने, जीव जन्तु कल्याण संगठनों को अनुदान प्रदान करने के साथ-साथ जीव जन्तु कल्याण संबंधी मामलों पर भारत सरकार को सलाह भी देता है, बोर्ड पिछले 60 वर्षों से देश में पशु कल्याण में अपनी प्रमुख भूमिका निभा रहा हैं। अपनी सेवाओं के माध्यम से, बोर्ड सुनिश्चित करता है कि देश में पशु कल्याण कानूनों का पालन किया जाता है, पशु कल्याण संगठनों को अनुदान प्रदान करता है और भारत सरकार को पशु कल्याण के मुद्दों पर सलाह देता है। बोर्ड में 6 संसदीय सदस्यों (2 राज्यसभा सदस्य एवं 4 लोकसभा सदस्य) सहित कुल 28 सदस्य होते हैं। बोर्ड सदस्यता की कार्यवधि तीन वर्ष की होती है।