राजनांदगांव (अमर छत्तीसगढ) 24 जून। छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव जिले में आज ई-हियरिंग के माध्यम से पूरे भारत वर्ष से जुड़ गया। न्यायमूर्ति गौतम चौरडिया अध्यक्ष राज्य आयोग द्वारा बिलासपुर आयोग से ई-हियरिंग का उद्घाटन फिता काटकर किया।
इस सुविधा के प्रारंभ होने से उपभोक्ताओं को तकनिकी न्याय का लाभ समय और संसाधन दोनों की बचत होगी। उपभोक्ता एवं अधिवक्तागण भारत के किसी भी कोने से राजनांदगाँव उपभोक्ता आयोग से जुड़कर अपने प्रकरण की सुनवाई कर सकते है।
शिकायतकर्ता घर पर बैठकर भी प्रकरण की सुनवाई में भाग ले सकते है। इस अवसर पर जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष प्रशान्त कुन्डू द्वारा उपस्थिति अधिवक्ता पक्षकारगण एवं कर्मचारिगणों को ई-हियरिंग के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। माननीय न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया द्वारा राजनांदगाँव ई-हियरिंग के अवसर पर शुभकामनाएं प्रदान की वा देश में छ.ग. पहला राज्य होगा जो ई-हियरिंग के माध्यम से प्रकरणों की सुनवाई करेंगे। न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय और जुड गया।
वकीलों ने पस्तुत किया अंतिम तर्क
ई-हियरिंग के माध्यम से माननीय न्यायमूर्ति गौतम चौरडिया की उपस्थिति में प्रकरण क्रमांक-05/2025 अंकित राठौर विरूद्ध द. नेशनल इश्योरेंस कंपनी लिमिटेड प्रकरण में दोनों अधिवक्ताओं द्वारा माननीय अध्यक्ष प्रशान्त कुन्डू एवं सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस की उपस्थिति में अंतिम तर्क प्रस्तुत किया गया।
जिला आयोग द्वारा सुनवायी के पश्चात् निर्णय सुरक्षित रखा जिसे दोपहर पश्चात् आदेश पारित किया जावेगा। ई-हियरिंग की सुविधा को एतिहासिक पहल बताते हुए उपस्थित सभी अतिथियों पक्षकारगणों एवं तकनिकि कर्मचारियों का आभार प्रदर्शन सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस द्वारा किया गया।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर बिलासपुर आयोग के अध्यक्ष ए. के. सिंघल राज्य आयोग के सदस्य प्रमोद वर्मा जी संयुक्त रजिस्ट्रार मोना चौहान, एकाउन्ट अधिकारी मधुलिका यादव, एवं राजनांदगाँव आयोग के सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस एवं अधिवक्तागण गजेन्द्र बख्शी, धर्मेन्द्र जैन, जयराज चौथवनी, रमेश प्रसाद सिंह एवं कर्मचारिगण उपस्थित थे।

