उदयपुर/ रायपुर (अमर छत्तीसगढ़) 26 जून। शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों में नैतिक, मानवीय और संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए इन संस्थानों में पशु कल्याण समितियों का गठन होगा।
केंद्र के निर्देश पर यूजीसी सचिव प्रो मनीष जोशी ने 13 जून को जारी किए पत्र में विवि के कुलपति, कॉलेजों के प्राचार्य व संस्थानों के निदेशक को पत्र भेज कर इस दिशा में अनिवार्य रूप से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसकी स्थापना नयी शिक्षा नीति के तहत की जायेगी।
श्रमण डॉ पुष्पेन्द्र ने इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि जब उच्च शिक्षण संस्थानों में पशु कल्याण समितियों के स्थापना का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों के बीच सहानुभूति, करुणा, सहयोग और जिम्मेदारी की मजबूत भावना जैसे मूल्यों को अपनाने सहित भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51ए (जी) में नागरिकों से सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया दिखाने के उद्देश्य से युवा वर्ग को जागरूक करना रहेगा।

समितियां जागरुकता और शिक्षा कार्यक्रम चलाएंगी –
इसके तहत पशु संरक्षण कानून, पर्यावरण नैतिकता, रोग और पशु देखभाल में सर्वोत्तम प्रथाओं पर व्याख्यान, कार्यशालाएं और फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी। कैंपस आधारित पहल में सुरक्षित पशु आहार क्षेत्रों का निर्माण, संकट में पशुओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा प्रतिक्रिया दल और स्थानीय पशु चिकित्सालयों या आश्रयों के साथ साझेदारी की जाएगी।
पशु संरक्षण कानून के प्रति जागरूकता अभियान, पर्यावरण, पशु देखभाल, व्याख्यान, कार्यशाला आदि का आयोजन किया जायेगा. इसके अलावा पशु आहार, संकट में पड़े पशुओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा दल और स्थानीय पशु चिकित्सालयों या आश्र

