रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 1 जुलाई। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में संत कबीर सत्संग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जातिगत जनगणना, धर्मांतरण, हिंदी-मराठी भाषा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आगामी दौरे पर महत्वपूर्ण बयान दिए।
जातिगत जनगणना पर पर श्री आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने जातिगत जनगणना का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, लंबे समय से इसकी मांग उठ रही थी, लेकिन जब उनकी सरकार थी, तब उन्होंने इस पर कोई निर्णय क्यों नहीं लिया? उन्होंने आगे कहा कि जनरल कमीशन इस दिशा में काम करेगा, जिससे यह स्पष्ट होगा कि कितना विकास हुआ। कितना कल्याण हुआ और समाज को कितना लाभ मिला।
हिंदी और मराठी भाषा पर जोरमहाराष्ट्र में भाषा विवाद पर बोलते हुए आठवले ने कहा कि, हिंदी हमारी मातृभाषा है और इसका सम्मान होना चाहिए। कुछ लोगों ने मराठी भाषा में पढ़ाई की मांग की थी, जिस पर महाराष्ट्र सरकार ने अच्छा फैसला लिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में हिंदी को लागू करना चाहिए, लेकिन कक्षा पहली से छठवीं तक क्षेत्रीय भाषा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के दौरे के संदर्भ में आठवले ने कहा कि, वहां अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आगामी चुनाव में ममता बनर्जी की छुट्टी हो जाएगी और भाजपा की सरकार बन सकती है। उन्होंने ममता सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए बदलाव की भविष्यवाणी की.धर्मांतरण पर सख्त रुख छत्तीसगढ़ में बढ़ते धर्मांतरण के मामलों पर आठवले ने कहा कि, प्रलोभन या दबाव में धर्मांतरण सही नहीं है। अगर कोई अपनी स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो यह उसका अधिकार है, लेकिन दबाव या प्रलोभन के मामलों की पूरी जांच होनी चाहिए और इसे रोका जाना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 7 जुलाई को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे पर आठवले ने कहा कि, लोकतंत्र में सभी को सभा करने का अधिकार है। श्री खड़गे हमारे समाज से हैं और उनका स्वागत है। लेकिन वे यहाँ आएंगे तो संविधान बदलने और मोदी के खिलाफ ही बोलेंगे। कांग्रेस को टिप्पणी करनी है, तो करती रहे।

