शांति प्रेम और श्रद्धा जहाँ रहे वह घर सुंदर- वैभव श्रीजी

शांति प्रेम और श्रद्धा जहाँ रहे वह घर सुंदर- वैभव श्रीजी

नगरी(अमर छत्तीसगढ) 11 जुलाई । जैन साध्वी श्री वैभव श्री जी म. सा .जो कि चातुर्मास के लिए नगरी के ओसवाल भवन में विराजित है अपने प्रवचन में आज कहा कि ईट चूने व पत्थर से मकान बनते है , पर पत्नी से घर, बेटा से स्वर्ग और बहु से घर मंदिर बन जाता है।
संसार मे सबसे सुंदर अपना मेरा प्यार घर होता जहाँ शांति ,प्रेम व श्रद्धा होती है। कही भी घूम आओ फिर भी अपने घर मे ही शकुन मिलता है।
इस घर को सुंदर बनाने के आज के प्रवचन में टिप्स देते हुए बताया कि हम जैसे गलती होने पर मोबाइल में डिलीट कर देते है वैसे ही जीवन मे छोटी छोटी बातों जो डिलीट करें।

आंइस्टीन के नौकर ने कहा कि मालिक मैं मालकिन से एक साल में तंग आ गया हूं आंइस्टीन ने कहा मैं तो दस साल से झेल रहा हु पर मैंने दिमाग मे नही लिया । देखिए उन्होंने छोटी छोटी बात को दिमाग मे नही लिया ,ले लेते तो आज बड़े आदमी नही बनते। प्रवचन में दूसरे टिप्स में बताया कि व्यर्थ में दुखी मत होइये।


गुरु पुर्णिमा के अवर पर कहा कि पुराने जमाने मे बच्चे गुरुकुल जाते थे और तब से परम्परा शुरू हुई गुरुपूजन की व सावन के पहले यह पुर्णिमा पढ़ती है।माँ बाप शरीर देते है गुरु जीवन देते है। इस दिन वेद व्यास का भी जन्मदिन मानते है जो चार वेद बनाए। आज के दिन शिष्य गुरु को समर्पण करते है। हम जीवन मे सच्चे गुरु जरूर बनाये जो हमारा मार्गदर्शक हो।


आज चातुर्मास के प्रारम्भ में 31 महिलाओं ने व 12 भाइयो ने तीन- तीन उपवास लगातर गर्म पानी से किया । गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आदित्य, अजय छाजेड़, काव्या दर्शना व शोभा छाजेड़ , अजय नाहटा व शांत क्रांति महिला मंडल नगरी ने भाव गीत पेश किया। संचालन कुशाल ढ़ेलडिया ने किया।

आज से ओसवाल भवन में बारह घण्टे का नवकार महामन्त्र का जाप भी प्रारम्भ हुआ। जिसमें भाई बहन भाग ले रहे । आज 5 भाई बहनों ने चार उपवास में कदम बढ़ाए। रविवार को आर्ट ऑफ लिविंग विषय पर बच्चों व युवा वर्ग के दोपहर 2 से 4 बजे सेमिनार का आयोजन किया गया है। जिसमे जीवन जीने की बहुत सारे टिप्स दिए जावेंगे।


इस चातुर्मास के आयोजन में व सुबह 8.20बजे से हो रहे प्रवचन पर अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील उत्तम गोलछा अध्यक्ष व अनिल छाजेड़ मंत्री जैन श्री संघ ने की है।

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