दिमाग में अइस व जबान शुगर फैक्ट्री हो तो कभी विवाद नहीं होगा- वीरभद्र मुनिष

दिमाग में अइस व जबान शुगर फैक्ट्री हो तो कभी विवाद नहीं होगा- वीरभद्र मुनिष

राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 13 जुलाई।श्री विनय कुशल मुनि के सुशिष्य श्री वीरभद्र ( विराग ) मुनि जी ने आज यहां कहा कि भूमि को यदि फलदायक बनाना है तो उसे नम बनाना होगा फिर उसमें बीज और खाद डालना होगा। इसी तरह मोक्ष पाना है तो आत्म कल्याण के मार्ग पर कदम बढ़ाना होगा और इसके लिए जरूरी है दिमाग में अइस फैक्ट्री और जबान में शुगर फैक्ट्री हो। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हो जाए तो फिर झगड़ा होगा ही नहीं और आप प्रसन्नचित मन में साधना कर पाएंगे।
जैन बगीचा स्थित उपाश्रय भवन में आज जैन मुनि वीरभद्र ( विराग) जी ने अपने नियमित प्रवचन में कहा कि आत्मा को मोक्ष से जोड़ना ही योग है। मुनिश्री ने कहा कि हमने ज्ञानियों के ज्ञान को लाइब्रेरी की शोभा बना दिया है किंतु अपने मन के भीतर की शोभा नहीं बना पाएं।

यदि मन के भीतर ज्ञानियो के ज्ञान को संजोते तो हम आत्म कल्याण मार्ग की ओर बढ़ जाते। उन्होंने कहा कि अपना जीवन गुरु को समर्पित कर दो और उनके बताए मार्ग पर चलो तो आप आत्म कल्याण के मार्ग की ओर बढ़ोगे और इसके लिए आपका समर्पण एवं विश्वास का भाव होना जरूरी है। साधु है तो शासन है,साधु नहीं तो शासन भी नहीं।


जैन संत ने आगे फरमाया कि जिस दिन आपका चित्त शांत हो जाएगा, उस दिन से आपके भीतर ज्ञान प्रवेश करने लगेगा। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के प्रति द्वेष नहीं रखना चाहिए! हमें यह भव मिला है तो इसका सदुपयोग करें।

हम अपनी कमियों को दूर कर आत्म कल्याण के मार्ग की ओर बढ़ें। ये चार माह आत्म कल्याण की ओर अग्रसर करने वाला है और आप इस मौके को मत चुकें। इस चार माह में मन शांत रखकर ध्यान आराधना करें और आत्म कल्याण के मार्ग पर कदम बढ़ाए।

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