णमोत्थुणं विद्या कल्प अनुष्ठान का भव्य आयोजन…. जप जीवन का आधार – मुनि डॉ ज्ञानेंद्र कुमार

णमोत्थुणं विद्या कल्प अनुष्ठान का भव्य आयोजन…. जप जीवन का आधार – मुनि डॉ ज्ञानेंद्र कुमार

गुवाहाटी (अमर छत्तीसगढ) 20 जुलाई ।आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनिश्री डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी, मुनिश्री रमेश कुमार जी, मुनि पद्म कुमार जी एवं मुनि रत्न कुमार जी के पावन सान्निध्य एवं तेरापंथ सभा गुवाहाटी के तत्वावधान में रविवार को तेरापंथ धर्मस्थल में सक्कथुई (णमोत्थुणं) कल्प विद्या अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस अनुष्ठान में सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया एवं मंत्र का सस्वर पाठ किया।

मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने उपस्थित जनमेदिनी को फरमाया कि जप जीवन का आधार है। आत्मशुद्धि व भावशुद्धि जप के मूल लक्ष्य हैं। इस मंत्र का जाप मनोबल बढ़ाने, रोग निवारक, मानसिक शांति आदि के लिए किया जाता है।

उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं को मेरी साधना सफल हों, मेरे अशुभ कर्मों का क्षय हो, मेरे शुभ कर्मों का उदय हो, मैं साधना आत्मशुद्धि के लिए जप कर रहा हूं, का तीन-तीन बार उच्चारण करवाने के पश्चात अनुष्ठान के संपूर्ण बीज मंत्रों का लगभग दो घंटे तक सस्वर पाठ करवाया।

मुनि रमेश कुमार ने अपने मंगल उद्बोधन में फरमाया कि जप का जीवन में काफी महत्व है, जप करने से मन एकाग्र होता है। जप के प्रभाव से बड़े से बड़े कार्य संभव हो सकते हैं। इससे आध्यात्मिक जीवन का विकास होता है। मंत्रों के जप से समस्त प्रकार की विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं। जप-तप की साधना एवं आराधना से कर्म निर्जरा के मार्ग पर आगे बढ़ सकते हैं।

णमोत्थुणं जैन स्तोत्र है। शकेन्द्र तीर्थंकरों के कल्याणक के समय अपने आसन से उतरकर वंदना करता है, इसीलिए इसे सक्रस्तुति भी कहते हैं। गुवाहाटी में यह अनुष्ठान पहलीबार हुआ। इस अनुष्ठान में लगभग 700 से अधिक श्रावक श्राविकाओं ने भाग लिया। सक्रस्तुति के बीज मंत्रों से प्रवचन स्थल गुंजायमान हुआ।

तपोभिनन्द
ग्यारह वर्षिय सुश्री दृष्टि तातेङ सुपुत्री हेमन्त तातेङ के अठाई (8) की तपस्या करने पर तेरापंथ सभा द्वारा तपस्विनी सुश्री दृष्टि तातेड़ की तप अनुमोदना तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद्, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम, अणुव्रत समिति आदि सभी संस्थाओं के द्वारा फुलाम गामोछा, साहित्य प्रदान करके की गई। तप से तप का अभिनंदन के क्रम में विजय जी पटवा ने अठाई तप करने का संकल्प करके किया ।

Chhattisgarh