ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 22 जुलाई।
श्री जसोल मातारानी एवं श्री दघिमति मां की प्रमुख उपासिका सुनीता दाधीच मंगलवार सवेरे ब्यावर के नव नियुक्त जिला कलेक्टर कमलराम मीणा को आशीर्वाद देने उनके कार्यालय पहुंची। जिले के मुखिया ने तप एवम सेवा की प्रतिमूर्ति की अगुवाई कर आत्मीय स्वागत किया।
तपोमूर्ति से सम्मान एवम आशीष पाकर अभिभूत हुए मीणा
ब्यावर नगर के गड्डी थोरीयान स्थित श्री जसोल माता रानी व दघिमति रानी मंदिर का एक शिष्टमंडल मंदिर की मुख्य उपासिका के नेतृत्व में मंगलवार सवेरे 11.15 बजे जिलाधीश श्री मीणा के ऑफिस पहुंचे जहां दरबार की और से तप साधिका सुनीता दाधीच ने मोतियों की माला एवम शाल अर्पण कर बहुमान किया।
संयम एवम तप की प्रतिमूर्ति से सम्मान पाकर श्री मीणा खूब अभिभूत एवम पुलकित दिखाई दिए।
इस मौके पर मंदिर से जुड़े समाज सेवी प्रकाश जैन ने जिला कलेक्टर मीणा को मंदिर की सेवा कार्यों से अवगत कराते हुए उन्हे मंदिर पधारने की ज्यों ही विनती की तो श्री मीणा बिना पल गंवाए बोले मैं अतिशीघ्र दरबार में आकर आशीर्वाद लूंगा।
साधिका के दिव्य तप से हुए अचंभित
जब समाज सेवी प्रकाश जैन ने बताया कि गद्दी प्रमुख अपने तप जप की सिद्धि से हर रविवार को विशेष दरबार लगाकर जिले एवम प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए भक्त श्रद्धालुओं के कष्टों को हरने के साथ उनकी आधि व्याधि दूर करने में समर्पित भावों से जुटी हुई हैं। तो बोले मैं बहुत जल्दी ही धाम आऊंगा।
आघि व्याधियों का होता है निवारण
उल्लेखनीय रहे की गत 05 वर्षों में इस दरबार से हजारों लोगों के कष्ट,तकलीफ व बिमारी दूर हुई है।
इस मंदिर में चढ़ावा लेना तो दूर एक अगरबती तक नहीं मंगाई जाती है। साथ ही किसी भी तरह भेंट भी स्वीकार नहीं जाती है। शिष्ट मंडल में तप साधिका के साथ लब्ध प्रतिष्ठित श्रावक प्रकाश जैन,जैन एकता मंच के पूर्व अध्यक्ष संजय नाहर, मनोज बडोला, दर्शना जैन,रमेश,दीपेश आदि थे।दल ने श्री मीणा को मंदिर पधारने की पुरजोर विनती की तो जिलाधीश बोले मेरी स्वयं की इच्छा ऐसे महान मंदिर के दर्श करने की है।उन्होंने मंदिर के सेवा कार्यों की दिल से वाहवाही की।

