रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 28 जुलाई। दादाबाड़ी में आत्मोत्थान चातुर्मास 2025 के अंतर्गत चल रहे प्रवचन श्रृंखला में परम पूज्य श्री हंसकीर्ति श्रीजी म.सा. ने धर्मरत्न प्रकरण ग्रंथ का पठन कर रही हैं। इसी क्रम में सोमवार को उन्होंने कहा कि दुख का सबसे बड़ा कारण हमारी अपेक्षाएँ होती हैं। यह अपेक्षा ही है जो हमारे रिश्तों में खटास लाती है, चाहे वह दोस्ती हो या पारिवारिक संबंध। अक्सर हम यह भूल जाते हैं कि अपने ही घर के लोगों से उम्मीद करना, हमारी सबसे बड़ी भूल बन सकती है।
उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि आपका रुमाल गिर गया। अगर घर का कोई सदस्य आपको यह बता दे, तो आप इसे सामान्य बात मानते हैं—ना धन्यवाद, ना कृतज्ञता। पर अगर यही बात कोई बाहर का व्यक्ति बताता है, तो आप झुक-झुक कर उसका आभार जताते हैं। क्यों? क्योंकि हमने अपने अपनों से अपेक्षा बाँध रखी है कि वे तो ऐसा करेंगे ही—यह उनका “कर्तव्य” है। इसी सोच से रिश्तों में अपनापन कम और औपचारिकता ज़्यादा हो जाती है।
गुरुदेव बताते हैं कि सुख और दुख की जड़, हमारी अपेक्षाओं में ही छिपी है। जब आप किसी से कुछ चाहते हैं और वह पूरी नहीं होती, तो पीड़ा होती है। लेकिन जब आप किसी से कुछ भी नहीं चाहते, तो आप भीतर से पूर्ण और शांत रहते हैं। यही सच्चा सुख है।
माता-पिता अपने बच्चे को गलत राह पर जाते देखकर दुखी हो जाते हैं। वे उसे समझाते हैं, रोकते हैं, पर अपेक्षा यह कर बैठते हैं कि बच्चा उनकी बात मानेगा। और जब ऐसा नहीं होता, तो वे आवेश में आ जाते हैं। अगर वे यह समझ लें कि समझाना उनका कर्तव्य है, पर मानना या ना मानना बच्चे का निर्णय—तो वे दुख से बच सकते हैं।
ठीक उसी तरह, कोई भी धार्मिक प्रवचनकर्ता आपको प्रभु की वाणी सुनाते हैं। वह आपसे यह अपेक्षा नहीं करते कि आप उसकी हर बात मानेंगे या उस पर चलेंगे। उनका कार्य सिर्फ आपको मार्ग दिखाना है। आप उस पर चलें या नहीं, यह आपकी स्वतंत्रता है। वह न तो आपको टोकते हैं, न आपके निर्णयों पर नाराज़ होते हैं।
जीवन का सार यही है—जहाँ अपेक्षा है, वहाँ दुख है; जहाँ अपेक्षा नहीं है, वहाँ आनंद है।
गिरनारी नेमि जन्मकल्याणक महोत्सव आज
दादाबाड़ी में 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान के जन्मकल्याणक के अवसर पर गिरनारी नेमि जन्मकल्याणक महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है।
इस दिन सुबह 9 बजे भगवान का अष्टोतरी अभिषेक होगा, जिसमें नासिक के सुप्रसिद्ध संगीतकार हर्ष शाह अपनी प्रस्तुति देंगे और विधिकारक राकेश भाई पंडितजी, नासिक होंगे।
वहीं, रात को 8.30 बजे गिरनार से भव पार का आयोजन किया जाएगा जिसमें नासिक के सुप्रसिद्ध संगीतकार हर्ष शाह अपनी प्रस्तुति देंगे और संचालक संकेत गांधी होंगे। नेमिनाथ जन्मकल्याणक के दिन एकसना की व्यवस्था होगी, जिसमें आप ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाग लें और ऑफिस में अपना नाम दर्ज कराएं।
श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया, कार्यकारी अध्यक्ष अभय कुमार भंसाली, आत्मोत्थान चातुर्मास समिति 2025 के अध्यक्ष अमित मुणोत ने बताया कि दादाबाड़ी में सुबह 8.45 से 9.45 बजे साध्वीजी का प्रवचन होगा। आप सभी से निवेदन है कि जिनवाणी का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

