बेलगांव (अमर छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में बेलगांव ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच और बीजेपी नेता छबिलराम साहू ने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्या का निदान न होकर उपेक्षा होने की बात कही। उन्होंने सांसद पांडे को लेकर कहा कि, रौशनी सिर्फ शहरो तक सीमित नहीं रहती जब सूरज उगता है तो रौशनी शहर के साथ-साथ गांव के घरों में भी जाती है।
बीजेपी नेता छबिलराम साहू ने आगे कहा कि, जिले एवं लोकसभा क्षेत्र की जनता बहुत उम्मीद और आशा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को स्वीकार करते हुए अपने जिले एवं लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुनकर भेजती है। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ता पूरी मेहनत एवं ईमानदारी से लगनपूर्वक कार्य कर पार्टी को चुनाव जिताने में कोई कसर नहीं छोड़ते।
इस उम्मीद के साथ की शायद ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्या का निदान करेंगे और इसी आशा और उम्मीद के साथ सांसद से समय-समय पर लोकार्पण, भूमिपूजन एवं अन्य कई कार्यक्रमों के माध्यम से आमंत्रित करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि, गांव की कुछ प्रमुख समस्या को सांसद के समक्ष आवेदन के माध्यम से रखते हैं ङ्क्षकतु सांसद, द्वारा सिर्फ आश्वासन दे दिया जाता है। आश्वासन के उपरांत एक-डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी दिये गये आश्वासन पर अमल नहीं किया जाता। इस कारण कार्यकर्ताओं को विपक्ष का ताना सुनना पड़ता है।
उन्होंने सांसद संतोष पांडे को लेकर कहा कि कार्यकर्ता केवल आपसे ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्या का निदान करने की अपेक्षा करते हैं जिससे ग्रामीण कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर न हो।
इस पर ग्रामीणों ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि, सांसद यदि किसी कार्यक्रम में आते हैं तो मात्र आश्वासन की बातें करते हैं। भाव भजन से समस्या का निदान या विकास संभव नहीं है। ग्रामीणों ने भी कहा कि क्षेत्र में जहां-जहां सांसद आये हैं वहां नहीं हुआ है।
क्षेत्र की जनता मूलभूत समस्याओं का आवेदन देती है लेकिन सांसद द्वारा आश्वासन तो दिया जाता है, परंतु इस पर अमल नहीं किया जाता, भाव भजन धाॢमक बातों से लोगों का मन बहला देना निदान नहीं है। ग्रामीणजन मूलभूत समस्याओं के निदान की आस सांसद से लगाये बैठे है। इस पर सांसद को ग्रामीण क्षेत्रों की जनता की उम्मीदों और समस्याओं को लेकर विचार करना चाहिये।

