ननों की गिरफ्तारी पर सियासत : कम्युनिष्ट नेता वृंदा करात ने संविधान की धज्जियां उड़ाने का लगाया आरोप

ननों की गिरफ्तारी पर सियासत : कम्युनिष्ट नेता वृंदा करात ने संविधान की धज्जियां उड़ाने का लगाया आरोप

रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 30 जुलाई। दुर्ग में दो ननों की गिरफ्तारी के बाद देशभर में इस मामले को लेकर पॉलिटिकल प्रेशर बनाने का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी के साथ ही इंडिया गठबंधन में शामिल अन्य घटक दलों के सांसद भी दुर्ग पहुंचने लगे हैं। इसी क्रम में अब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसदों का दल पहुंचा है। इस दल में वरिष्ठ नेत्री वृंदा करात भी शामिल हैं।

वरिष्ठ माकपा नेत्री वृंदा करात ने बुधवार को रायपुर में इस संबंध में एक प्रेस कान्फ्रेंस लेकर राज्य सरकार पर अनेक गंभीर आरोप मढ़े। उन्होंने मीडिया से कहा कि, दुर्ग में हमने गिरफ्तार ननों से मुलाकात की है। जिल लड़कियों की ट्रेफिकि्रग की बात कही जा रही है, उनके पैरेंट्स से भी हमने बातचीत की। हमने इस संबंध में CM को तथ्यों पर आधारित ज्ञापन दिया है।

इसके बाद वृंदा करात ने राज्य सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। FIR में धर्मांतरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग का उल्लेख किया गया है, हम पूछना चाहते हैं क्या छत्तीसगढ़ में कोई अलग कानून है।

उन्होंने बजरंग दल को भी लपेटते हुए कहा कि, बजरंग दल के लोगों ने जबरन मारपीट कर बयान दिलाने की कोशिश की। नन गरीब आदिवासी लोगों की सेवा कर रहे हैं।

वृंदा ने कहा कि, जैसा व्यवहार उनके साथ किया गया उसे देखकर सिर झुक गया। पुलिस के सामने ननों की पिटाई की गई, गालियां दी गईं। हम मांग करते हैं कि ननों के ऊपर दर्ज FIR तुरंत रद्द किए जाएं।

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