अतिक्रमण पर एक्शन : 30 झोपड़ियों पर चला बुलडोजर, 71 एकड़ से अधिक वन भूमि पर था कब्ज़ा

अतिक्रमण पर एक्शन : 30 झोपड़ियों पर चला बुलडोजर, 71 एकड़ से अधिक वन भूमि पर था कब्ज़ा

धमतरी(अमर छत्तीसगढ) 1 अगस्त। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से अवैध अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई की गई है। राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को अभियान चलाकर 71 एकड़ से अधिक वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। यह पूरा मामला दक्षिण सिंगपुर फॉरेस्ट रेंज का है।

लंबे समय से लोगों ने इस वन भूमि पर झोपड़ियां बना रखी थीं और खेती कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान लगभग 30 झोपड़ियां को बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया गया। अतिक्रमण की गई खेतों पर भी सख्त कार्रवाई की गई है।

छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बस्तर वन मण्डल के वन परिक्षेत्र बस्तर उप परिक्षेत्र गोडियापाल अंतर्गत वन क्षेत्रों में अतिक्रमण, अवैध कटाई, अवैध उत्तखनन की रोकथाम में वन अधिकारी और कर्मचारी जुटे हुए थे।

इस पर वन कर्मचारियों, अधिकारियों द्वारा भम्रण किए जाने के दौरान शनिवार को संरक्षित वन कक्ष क्रमांक 441 पी. में मक्का की खेती करने के उद्देश्य से एक पॉवरट्रेक ट्रैक्टर को हल जोताई करते हुए जब्त किया गया।

यह कार्यवाही वनों को अवैध अतिक्रमण से मुक्त करना अभियान के तहत वन विभाग जगदलपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक आरसी दुग्गा, जिले के वन मण्डलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता के निर्देश में उप वन मण्डलाधिकारी बस्तर आईपी बंजारे के नेतृत्व में की गई।

वनरक्षक धनसिंग ठाकुर द्वारा ट्रैक्टर चालक के विरूद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर ट्रैक्टर को विभागीय कार्यवाही करते हुए जब्त कर परिक्षेत्र कार्यालय बस्तर लाया गया, साथ ही ट्रैक्टर की राजसात कार्यवाही की जा रही हैं। इस कार्यवाही से अवैध अतिक्रमण में रोकथाम होगी।

DFO ने बताया कि ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभाओं को पत्र के माध्यम से तथा कोटवारों से मुनादी करवाकर ग्रामीणों को वनक्षेत्र में अवैध कटाई एवं अतिक्रमण के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जाने के संबंध में सूचना दी गई है। अतिक्रमण हटाने अभियान में ग्रामीणों का सहयोग उत्साहजनक है एवं अपराधियों के अंदर भय का वातावरण व्याप्त है, जिसके कारण अतिक्रमण विरोधी दस्ता को स्वर्णिम परिणाम प्राप्त हुआ।

सीसीएफ ने बताया कि, ग्रामीणों को अवैध कटाई एवं अतिक्रमण के विरूद्ध लगातार जागरूक किया जा रहा है। साथ ही ट्रैक्टर चालकों से कहा कि वनक्षेत्र में जोताई ना करें, ऐसा करते पाये जाने पर वाहनों को जप्त कर राजसात करने की कार्यवाही की जाएगी।

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