करियर के लिए माता-पिता की सलाह को महत्व देवें और उनके साथ चर्चा करे – भूमिका
आंचल ने करियर बनाने लक्ष्यों को निर्धारित करने की दी सलाह
बिलासपुर। भारतीय जैन संघठना बिलासपुर द्वारा करियर काउंसलिंग एवं गाइडेंस का आयोजन सरकंडा स्थित संत भवन में किया गया था। परम पूज्य आयिॅका 105 अनर्घमति माताजी के सानिध्य एवं आशीर्वाद में कार्यक्रम संपन्न हुआ । कार्यक्रम में डिप्टी डायरेक्टर पंचायत मुंगेली भूमिका देसाई और करियर काउंसलर एवं सोशल वर्कर आंचल जैन उपस्थित थीं।

कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण से हुई । अतिथियों का स्वागत की कड़ी में जैन उपस्थित गणों में समाज के संरक्षक विनोद जैन, संरक्षक सनत जैन, चातुर्मास समिति के अध्यक्ष जयकुमार जैन, रजनीश जैन, श्री जैन श्वेतांबर श्री संघ के विमल चोपड़ा का स्वागत भारतीय जैन संघठना की तरफ से संजय छाजेड़, अंशुल जैन, अमरेश जैन, पराग जैन ने की । मुंगेली से पधारी भूमिका देसाई एवं बिलासपुर की आंचल जैन का स्वागत भारतीय जैन संघठना की महिला शाखा अध्यक्ष सुनीता जैन एवं अनीता जैन के द्वारा किया गया । कार्यक्रम का सफल संचालन रश्मि जैन ने किया l

करियर गाइडेंस एवं काउंसलिंग में डिप्टी डायरेक्टर पंचायत सुश्री भूमिका देसाई ने बच्चों के साथ बात करते हुए उन्हें समझाया और अपनी उनके जीवन में होने वाली दिक्कतों के बारे में बताते हुए कहा कि दसवीं कक्षा के बाद हम बहुत ही कंफ्यूज हो जाते हैं कि हमें आगे कौन सा विषय चुना है जिससे हम अपना भविष्य बना सके।
भूमिका ने बच्चों को समझाया कि सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत और लगन की आवश्यकता होती है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कई चुनौतियों का सामना किया और कभी-कभी असफल भी हुए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने टारगेट पर ध्यान केंद्रित रखा।

अपनी रुचि देखें: सुश्री भूमिका देसाई ने बच्चों को अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनने की सलाह दी।
स्वयं निर्णय लें: उन्होंने बच्चों को अपने निर्णय स्वयं लेने और किसी के दबाव में न आने की सलाह दी।
माता-पिता की सलाह: उन्होंने बच्चों को अपने माता-पिता की सलाह को महत्व देने और उनके साथ चर्चा करने की सलाह दी। दिखावे में न आएं: उन्होंने बच्चों को किसी के दिखावे में न आने और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।

सोशल वर्कर आंचल जैन के साथ बातचीत करने से बच्चों को अपने करियर के लक्ष्यों को निर्धारित करने और अपने भविष्य के लिए सही निर्णय लेने में मदद मिली। बच्चों ने कई विषयों पर चर्चा की और अपने भविष्य के लिए अपना बहुमूल्य शिक्षा को कैसे आगे बढ़ाना है, उस पर भी अपनी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया।

आयिॅका 105 अनर्घमति माताजी का यह संदेश बच्चों के लिए बहुत ही प्रेरणादायक और मार्गदर्शक है। उन्होंने बच्चों को न केवल अपने करियर के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया, बल्कि उन्हें एक अच्छे इंसान बनने के महत्व के बारे में भी बताया।
आयिॅका 105 अनर्घमति माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि किसी भी प्रकार की गलत कार्यों से हमें दूर रहना है । माताजी ने बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित किया ।
संस्कृति और मूल्यों का पालन के बारे में माताजी ने बच्चों को अच्छे कपड़े पहनने और जंक फूड से दूर रहने के लिए कहा, जो एक स्वस्थ जीवनशैली के लिए महत्वपूर्ण है। बच्चों को प्रवचन में अपने करियर के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया, साथ ही उन्हें एक अच्छे इंसान बनने के महत्व के बारे में भी बताया।
शिक्षा और धार्मिक मूल्यों का महत्व पर माताजी ने बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक मूल्यों को अपनाने के महत्व के बारे में बताया, जो एक संतुलित जीवन के लिए आवश्यक है।

माताजी का यह संदेश बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक और मार्गदर्शक है, जो उन्हें अपने जीवन में सकारात्मक निर्णय लेने में मदद करेगा। यह संदेश बच्चों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और एक अच्छे इंसान बनने के लिए प्रेरित करेगा।
अब जब माताजी ने बच्चों को यह संदेश दिया है, तो आगे की कार्रवाई के रूप में बच्चों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी और माताजी के संदेश को अपने जीवन में लागू करना होगा।

