विद्युत कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कराने का लिया संकल्प

विद्युत कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कराने का लिया संकल्प

राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़), 07 अगस्त 2025 – छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी राजनांदगांव क्षेत्र के पार्रीनाला स्थित क्षेत्रीय प्रशासनिक भवन में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गया।

विद्युत कर्मियों के लिए आयोजित इस कार्यशाला में भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि एवं विभिन्न सौलर सयंत्र के संचालकों ने हिस्सा लेकर इस योजना के बारें में विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर लगभग 18 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मौके पर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से सौर सयंत्रों के लिए आनलाइन आवेदन कर अपना पंजीयन कराया। इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की यह योजना उपभोक्ताओं को हॉफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की ओर ले जाने वाली स्कीम है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में घर-घर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कर लोगों को प्रदूषण मुक्त, मुफ्त और निरंतर बिजली देने की परिकल्पना की गई है।

इसके माध्यम से प्रत्येक उपभोक्ता को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाकर उनके मासिक खर्चों में भी उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्रता रखने वाले सभी नागरिक जिनके पास वैध बिजली कनेक्शन और उपयुक्त छत है, वे इस योजना में आवेदन कर सकते हैं।

इससे न सिर्फ बिजली बिलों का झंझट समाप्त होगा, बल्कि यदि आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होता है, तो उसे ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी ली जा सकती है।

केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से डबल सब्सिडी सयंत्र लगने के 1 महीने के भीतर सीधे बैंक खाते में प्राप्त हो जाता है। एक बार सौर पैनल की स्थापना के बाद 20-25 वर्षों तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी।

इस कार्यशाला में सौर सयंत्र के संचालकों ने बताया कि रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने पर केंद्र और राज्य सरकारों से अधिकतम ₹1,08,000/-तक की सब्सिडी दी जा रही है।

इस योजना के तहत 1 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट से प्रतिमाह औसतन 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है, जिस पर ₹ 30,000 केंद्र से व ₹ 15,000 राज्य से, कुल ₹ 45,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है।

उपभोक्ता को लगभग ₹ 15,000 स्वयं वहन करने होते हैं। और यह प्लांट प्रति माह 120 यूनिट के हिसाब से लगभग 600 रुपये की बिजली उत्पन्न करती है जिससे उपभोक्ता अपने घर में लगने वाले सोलर प्लांट का पूरा खर्चा 2 से 3 वर्ष में ही निकाल सकते हैं।

इसी प्रकार 2 किलोवाट प्लांट के लिए प्रतिमाह औसतन 240 यूनिट उत्पादन संभव है, जिस पर ₹ 90,000 तक कुल सब्सिडी (₹ 60,000 केंद्र $ ₹ 30,000 राज्य) मिलती है।

उपभोक्ता को केवल ₹ 30,000 खर्च करना होता है। और यह प्लांट प्रति माह 240 यूनिट के हिसाब से लगभग 1300 रूपये की बिजली उत्पन्न करती है जिससे उपभोक्ता अपने घर में लगने वाले सौलर प्लांट का पूरा खर्चा 2 से 3 वर्श में ही निकाल सकते हैं।

03 किलोवॉट क्षमता के प्लांट से प्रतिमाह औसतन 360 यूनिट उत्पादन संभव है, और इसमें ₹ 78,000 केंद्र $ ₹ 30,000 राज्य यानी कुल ₹1,08,000 की सहायता मिलती है। उपभोक्ता को केवल ₹ 72,000 वहन करना पड़ता है, और यह प्लांट प्रति माह 360 यूनिट के हिसाब से लगभग 3100 रूपये की बिजली उत्पन्न करती है जिससे उपभोक्ता अपने घर में लगने वाले सौलर प्लांट का पूरा खर्चा 2 से 3 वर्श में ही निकाल सकते हैं।

भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक जगवेन्द्र कामता ने बताया इस स्कीम के अंतर्गत उपभोक्ता सोलर प्लांट का केवल 10 प्रतिशत डाउन पेमेंट देकर 6 प्रतिशत ब्याज दर से 90 प्रतिशत लागत राशि को अधिकतम 10 वर्ष के लिए फाइनेंस कर सकते है।

केंद्र और राज्य शासन की सब्सिडी राशि खाता में आते अन्तर की राशि को फाइनेंस किया जा सकेगा। भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि एवं सभी सोलर सयंत्र के संचालकों ने उपस्थित विद्युत कर्मियों के इस स्कीम के सभी पहलुओं से रूबरू कराते हुए सभी सवालों के जवाब भी दिए।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता मंगल तिर्की, अधीक्षण अभियंता शंकेश्वर कंवर, के सी खोटे कार्यपालन अभियंता मुकेश साहू, बीरबल उइके, सुश्री गीता ठाकुर, रविकांत शर्मा, आलोक दुबे सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित हुए। इस कार्यशाला का संचालन पब्लिसिटी ऑफिसर धर्मेन्द्र शाह मंडावी ने किया।

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