अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष: डोंगरगांव का ‘हेलमेट संगवारी’ बना सड़क सुरक्षा का प्रतिक, सड़को पर बचाती है जिंदगी

अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष: डोंगरगांव का ‘हेलमेट संगवारी’ बना सड़क सुरक्षा का प्रतिक, सड़को पर बचाती है जिंदगी


डोंगरगांव (अमर छत्तीसगढ) 12 अगस्त।
अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 2025 के अवसर पर आज हम एक ऐसे युवा की प्रेरक कहानी साझा कर रहे हैं, जिसने निजी दुःख को जनसेवा का रूप देकर समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है।

डोंगरगांव निवासी धर्मेंद्र साहू, जिन्हें आज लोग ‘हेलमेट संगवारी’ के नाम से पहचानते हैं, सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी अनोखी मुहिम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
धर्मेंद्र के जीवन में बदलाव उस समय आया जब एक सड़क दुर्घटना में उनके पिता की मृत्यु सिर में चोट लगने से हो गई। इस घटना ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया और तभी उन्होंने संकल्प लिया कि वे समाज में हेलमेट के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाएंगे। तभी से उन्होंने बिना किसी संस्थागत सहायता के, स्वयं की कमाई से अब तक 3500 से अधिक हेलमेट निःशुल्क बांटे हैं साथ ही पिता के दुर्घटना से मिले बीमा की राशि का भी हेलमेट खरीदी कर लोगो में बाँट दिया ।

धर्मेंद्र केवल हेलमेट देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, और सार्वजनिक स्थानों में 50 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर चुके हैं। उनका लक्ष्य है – “हर सिर सुरक्षित हो”।
धर्मेंद्र की इस मुहिम में उनका पूरा परिवार सहभागी है।

एक उल्लेखनीय पहल तब हुआ छोटे भाई जब छोटे भाई की सगाई में वर-वधू ने एक-दूसरे को हेलमेट पहनाकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया। यह पहल सोशल मीडिया पर काफी सराही गई।
धर्मेंद्र साहू कहते हैं।


“हेलमेट बाँटना मेरा मकसद नहीं है, लोगों की जान बचाना मेरी प्राथमिकता है। अगर मेरे द्वारा दिया गया एक हेलमेट भी किसी की जान बचा सके, तो यही मेरी सबसे बड़ी सफलता होगी।”


अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर, धर्मेंद्र साहू जैसे युवाओं को सम्मानित करना समय की आवश्यकता है, जो न केवल समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन रहे हैं।

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