श्री कृष्ण, बर्बरीक, पांडव संवाद, राधे कृष्ण का नौका विहार, जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती दिव्य झांकी

श्री कृष्ण, बर्बरीक, पांडव संवाद, राधे कृष्ण का नौका विहार, जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती दिव्य झांकी

भिलाई (अमर छत्तीसगढ़) 13 अगस्त । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में श्री कृष्ण के दिव्य कर्तव्यों को दर्शाती बहते झरनों और नदियों के मध्य लाइट एंड साउंड द्वारा सुसज्जित भव्य जीवंत झांकी सभी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी प्राची दीदी, पुर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी जी द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया।

उमंग उत्साह से भरपूर कान्हा
 झांकी के प्रवेश द्वार में ही श्रीकृष्ण के बाल रूप को माखन से भरे पात्रों के मध्य कान्हा जी का नयनाभिराम दृश्य सभी को उमंग उत्साह खुशी आनंद से भरपूर जीवन जीने का अनुभव करता है जो कि संदेश देता है कि जब हम शुद्ध मन व विनम्रता से भरपूर रहते हैं तो हमारे छोटे-छोटे कर्म भी यादगार बन जाते हैं।

राधे कृष्ण नौका विहार
  झांकी के मध्य में बने हंस व पर्वत से बहते झरने एवं कलकल नदी में राधे कृष्ण द्वारा नौका विहार निश्चिंत जीवन को दर्शाता है।

संस्कार मिलन की महारास मधुर व्यवहार
 श्री कृष्ण का गोप, गोपिकाओं के साथ संस्कार मिलन की महारास अर्थात कोई कैसी भी संस्कार वाली मनुष्य आत्मा हो मुझे सर्व के साथ सदा शुभ भावना, शुभकामना के साथ मधुर व्यवहार की महारास करना है। 

सर्व के सहयोग से सुखमय संसार
श्री कृष्णा द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने का दृश्य सर्व के सहयोग से सुखमय संसार अर्थात सर्व शक्तिमान जगत नियंता ने स्वयं सभी की अंगुली लगाकर गोवर्धन पर्वत उठाया जो कि उनके विनम्रता की पहचान है। 

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