कांग्रेस को बड़ा झटका : प्रदेश सचिव भवानी बहादुर सिंह ने छोड़ी पार्टी, निजी कारणों को बताया वजह

कांग्रेस को बड़ा झटका : प्रदेश सचिव भवानी बहादुर सिंह ने छोड़ी पार्टी, निजी कारणों को बताया वजह

खैरागढ़(अमर छत्तीसगढ़) 18 अगस्त। राजपरिवार के सदस्य भवानी बहादुर सिंह जो वर्तमान में कांग्रेस के प्रदेश सचिव हैं। उन्होंने सोमवार को अपने जन्मदिन पर निजी कारणों का हवाला देते हुए कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

इनका इस्तीफा देना राजनैतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन क्योंकि, इनके पिता शिवेंद्र बहादुर सिंह पूर्व राजनांदगाव सांसद थे और पूर्व पीएम राजीव गाँधी के करीबी थे। इनकी माता गीतादेवी सिंह जोगी सरकार में महिला बाल विकास मंत्री थी।

पिता शिवेंद्र बहादुर सिंह के बुलावे पर देश के दो-दो प्रधानमंत्रियों ने किया था चुनाव प्रचार

80 के दशक में दबंग सांसद शिवेंद्र बहादुर सिंह के बुलावे पर देश के दो-दो प्रधानमंत्री संसदीय क्षेत्र पहुंचे और यहां के लोगों ने करीब से उन्हें देखा। सांसद सिंह के बुलावे पर स्वयं पीएम इंदिरा गांधी चुनाव प्रचार के लिए राजनांदगांव के मानपुर पहुंचीं थीं। जहां उन्होंने आदिवासी बहुल मानपुर में रोड शो भी किया था।

इसी तरह प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी सांसद शिवेंद्र बहादुर सिंह के बुलावे पर लोकसभा क्षेत्र में पहुंचे थे, उन्होंने कवर्धा के भोरमदेव से बैगा प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी।

शिवेंद्र बहादुर के चुनाव प्रचार के लिए राजीव गांधी ने 21 मई 1991 को राजनांदगांव आने की सहमति दे दी थी। उनकी सभा-रैली की पूरी तैयारियां कर ली गईं थीं। लेकिन अचानक प्लान बदला और वे तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर चले गए, जहां बम ब्लास्ट कर उनकी हत्या कर दी गई।

माता गीता देवी सिंह थीं छत्तीसगढ़ की पहली महिला बाल विकास मंत्री

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद इनकी माता गीता देवी सिंह रियासत की पहली महिला बाल विकास मंत्री थी। 1982 से 1986 तक सभापति जिला योजना मंडल राजनंदगांव व संचालक ग्रामीण बैंक दुर्ग रही। अविभाजित मध्यप्रदेश में वे सभापति महिला बाल विकास समिति मध्यप्रदेश विधानसभा रही।

अध्यक्ष समाज कल्याण बोर्ड भी रही। सन 2000 में अलग राज्य बनने के बाद उन्हें प्रदेश की पहली महिला मंत्री बनाया गया। उनको महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग की जवाबदारी सौंपी गई। सितंबर 2011 में उनका निधन हो गया।

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