रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 20 अगस्त। छत्तीसगढ़ में हुए कैबिनेट विस्तार का सस्पेंस तो खत्म हो गया, लेकिन अब राजनीतिक हलचल नई अटकलों को जन्म दे रही है। पूर्व सीएम और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. रमन सिंह के दिल्ली दौरे ने राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को हवा दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ भाजपा विधायक अमर अग्रवाल को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
दिल्ली में रमन सिंह की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से हुई मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि उन्हें जल्द ही राजनीति में नई भूमिका मिल सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि रमन सिंह जैसे अनुभवी नेता को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।दिल्ली दौरे का समय भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल ही में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद खाली हुए राज्यपाल पद को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस पद के लिए डॉ. रमन सिंह का नाम भी सामने आ सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह न केवल छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए बड़ा बदलाव होगा बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी रमन सिंह की भूमिका नई दिशा लेगी।
सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ भाजपा विधायक अमर अग्रवाल को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वहीं मंत्री पद की दौड़ में रहे पुरंदर मिश्रा को डिप्टी स्पीकर बनाकर उनकी नाराजगी दूर की जा सकती है। यह कवायद पार्टी के भीतर असंतोष को कम करने और संतुलन साधने के प्रयास के तौर पर देखी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रमन सिंह की यह मुलाकात केवल विधानसभा भवन के उद्घाटन तक सीमित नहीं थी। भाजपा की रणनीति और राष्ट्रीय नेतृत्व के फैसले आने वाले दिनों में रमन सिंह की भूमिका तय करेंगे। यदि उन्हें राज्यपाल पद या राष्ट्रीय स्तर पर कोई नई जिम्मेदारी मिलती है, तो यह छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा बदलाव होगा।

