राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 28 अगस्त। शिक्षा, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में अग्रणी संस्था युगांतर पब्लिक स्कूल में कक्षा 11वीं और 12वीं के हॉस्टलर विद्याथियों के लिए कम्यूनिकेशन स्किल्स पर एक प्रभावशाली कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला को प्रसिद्ध NLP और Whole Brain Thinking ट्रेनर दीप्ति बिंदल तथा अर्पण सैमुअल मसीह पीजीटी इंग्लिश द्वारा संचालित किया गया । विद्यार्थियों के लिए इंटरैक्टिव और ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत इंप्रेसिव कम्युनिकेशन से अधिक एक्सप्रेसिव कम्युनिकेशन विषय पर चर्चा से हुई, जहाँ दोनों वक्ताओं ने विद्यार्थियों को यह प्रेरणा दी कि वे दूसरों को प्रभावित करने के बजाय सच्ची भावना और रचनात्मक अभिव्यक्ति के साथ स्वयं संवाद करना सीखें।
उन्होंने समझाया कि जब संचार में प्रामाणिकता और भावनाएँ होती हैं, तभी वह सार्थक बनती है और उसका असर श्रोताओं पर सार्थक पड़ता है। आगे उन्होंने विद्यार्थियों को स्वर के उतार-चढ़ाव, मैचिंग और मिररिंग तकनीकी से अवगत कराया।
उन्होंने सहानुभूति के महत्व बताते हुए कहा कि सहानुभूति किसी के मन की बात को जानने की चाबी है। प्रभावी कम्यूनिकेशन स्किल्स को विकसित करने में इसका बड़ा योगदान होता है।
उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि आवाज़ का लहजा और शारीरिक हावभाव संवाद को काफी प्रभावी बनाता है। ये सभी तत्व संबंधों पर काफी गहरा प्रभाव डालते हैं।

