विचार पर विचार करो और फिर कोई काम करो – विनय कुशल मुनि

विचार पर विचार करो और फिर कोई काम करो – विनय कुशल मुनि

राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 2 सितम्बर। प्रख्यात जैन संत विनय कुशल मुनि आज यहां कहा कि हमारे जीवन में प्रतिपल विचार आते जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पहले अपने विचार पर मनन करें फिर कर्म करें। बिना विचार किया गया कार्य नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए विचार पर विचार करो और फिर कोई काम करो।
जैन बगीचे के उपाश्रय भवन में आज श्री विनय कुशल मुनि जी ने कहा कि हमने जो पाप किया है उस पाप की क्या स्थित है, इस पर भी विचार किया जाना चाहिए और आत्मा को निर्मल बनाने के लिए कार्य करना चाहिए।

अपने पापों की आलोचना की जानी चाहिए ताकि हमारी आत्मा निर्मल हो सके। हमें अपने को जानने के लिए आत्म मंथन करना चाहिए। वैसे तो अपने को अपने से ज्यादा अच्छा कौन जान सकता है, इसके बावजूद व्यक्ति को स्वयं को अच्छे से जानने के लिए आत्म मंथन करना चाहिए।


श्री विनय कुशल मुनि कहा कि मैं और आत्म तत्व दोनों अलग-अलग चीज हैं। आत्मा को निर्मल बनाने के लिए इस पर मंथन करना होगा और आत्म तत्व को प्राप्त करने का प्रयास करना होगा।

इसके लिए आत्मा के ऊपर की वर्जना को हटाकर हमें आत्म तत्व को प्राप्त करना है जिसके जरिए हम आत्म तत्व को प्राप्त कर आत्म कल्याण के मार्ग में बढ़ पाएंगे। यह जानकारी एक विज्ञप्ति में विमल हाजरा ने दी।

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