जयपुर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) , 25 सितंबर
(प्रकाश जैन)
देश के प्रख्यात जैनाचार्य, भक्तों के भगवान,नानेश पट्टधर,संयम सुमेरु जैनाचार्य विजयराज जी म. सा.का 67 वा जन्मोत्सव सूबे की राजधानी जयपुर सहित पूरे देश भर में धर्म ध्यान, तप त्याग, साधना आराधना,तप जप के विविध आयोजनों के तहत अष्ट दिवसीय कार्यक्रमों के साथ श्रद्धा भक्ति एवं पूरे समर्पण भावों के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जा रहा है। शुक्रवार को श्री विजय गुरुदेव के जन्म दिवस को एकासन दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के संरक्षक प्रदीप गुगलिया ने एक जानकारी में बताया कि शुक्रवार सवेरे अपने आराध्य गुरु जैनाचार्य विजयराज महाराज के जन्मोत्सव का भव्य आगाज नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप से होगा।
तिलक नगर स्थित नवकार भवन में श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के तत्वाधान में दोपहर 11:15 बजे सामूहिक एकासन आयोजन होगा। जिसमें संघ प्रमुख एवं संघ से जुड़े कार्यकर्ता एकासन साधक को पूरे समर्पण भाव से एकासन व्रत का भोजन करवाएंगे।
संघ महामंत्री नवीन लोढ़ा ने बताया कि श्री विजय गुरु के जन्म दिवस पर श्रद्धालु श्रावक श्राविकाएं एक आसन पर तीन से पांच सामायिक की साधना कर अपनी श्रद्धा भक्ति आस्था समर्पण भाव व्यक्त करेंगे. सवेरे ज्ञान ध्यान की अरिहंत बोधि क्लास होगी,गुरु भक्ति प्रार्थना एवं स्वाध्याय होगा।
गुरु भक्ति प्रभात में उमड़े श्रद्धालु..
संघ अध्यक्ष महेश दस्सानी ने बताया कि श्री विजय गुरुदेव के जन्मोत्सव के सातवें दिन गुरुवार प्रवचन मे गुरु भक्ति कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का जबरदस्त सैलाब उमड़ा।
नवकार भवन के पास बने विराट प्रवचन मंडपम् में आयोजित कार्यक्रम में श्रावक श्राविकाओं ने सामायिक साधना के साथ एक ही आसन पर गुरुदेव का प्रवचन सुना।
जैन जगत की दिव्य विभूति से निरूपित किया..
इस मौके पर आयोजित गुरु भक्ति आयोजन में चरित्र आत्माओं ने श्री विजय गुरु को जैन जगत की विरल विभूति से निरूपित करते हुए कहा कि वे संयम एवम सरलता की प्रतिमूर्ति है। जैन धर्म के सजग प्रहरी है।इस मौके पर महिला मंडल श्री विजय गुरु के जीवन से ओत प्रोत गुरु भक्ति गीत की भक्तिमय प्रस्तुती देकर सभासदों को गुरु भक्ति में गहरे गोते लगवाते हुए भक्ति से सराबोर कर दिया। सभी श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं ने विजय गुरुदेव को सामूहिक तौर पर सविधि तीन बार वंदना कर अपनी श्रद्धा एवं भक्ति का परिचय दिया। भक्त श्रद्धालुओं ने नाना गुरु विजय गुरु शांति गुरु के जयकारों से नवकार भवन क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।

