ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ ) 26 सितंबर।
श्री साधुमार्गी शांत क्रांति संघ के संघनायक, संयम सुमेरु,नानेश पट्टधर जैनाचार्य विजयराज जी म.सा. का 67 वा जन्मोत्सव धर्म ध्यान,तप त्याग के साथ एकासन दिवस के तहत पूरी श्रद्धा भक्ति से हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।
शुक्रवार अल सवेरे से अपने आराध्य गुरु के जन्मदिन को लेकर भक्त श्रावक श्राविकाओं में खासा उत्साह उमंग देखा गया।
सामूहिक नवकार महामंत्र से गूंजा समूचा क्षेत्र
समरस शिरोमणि जैनाचार्य श्री विजय गुरुदेव के जन्मोत्सव का आगाज शुक्रवार सवेरे सामूहिक नवकार जप जाप से हुआ।
महिला मंडल संरक्षक शारदा छलानी एवम अध्यक्ष कोशल्या ढेडिया ने नेतृत्व में लगभग एक घंटे तक श्रावक श्राविकाओं ने नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप कर समूचे क्षेत्र को नवकार से गूंजा दिया चुंदड़ी की साड़ी के विशेष परिधान में महिला मंडल ने सामायिक साधना के साथ गुरु भक्ति में गहरी डबकियां लगाई।
गुरुदेव हमारे हो जन जन के प्यारे हो, नाम तेरा जन जन को अच्छा लगता है .. लागी लगन मत तोड़ना, विजय गुरु मेरी लागी लगन मत तोड़ना… गुरुवर तेरे चरणों की धूल जो मिल जाए,सच कहता हूं तकदीर संवर जाए आदि एक से बढ़कर एक गीतों की सामूहिक प्रस्तुतियों ने सभासद को भक्ति रस में भाव विभोर कर दिया।
एक साथ बैठकर किया एकासन व्रत..
श्री विजय गुरु के जन्म दिन पर ब्यावर सहित देश भर में 67000 से ज्यादा एकासन व्रत की तपस्या हुई। मेवाड़ी गेट बाहर आचार्य विजयराज मार्ग स्थित नवकार भवन के गुरु विजय हॉल में 175 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर एकासन व्रत की आराधना कर अपने आराध्य गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा भक्ति का अनुपम परिचय दिया।

युवा संघ के अध्यक्ष विनोद लोढ़ा महामंत्री प्रिंस कोठारी के नेतृत्व में युवा टीम ने सभी एकासन साधकों को पूरे समर्पण भावों से भोजन करवाकर अपनी सेवा भक्ति का परिचय दिया। एकासन तप की व्यवस्था के संपूर्ण लाभार्थी परिवार राजेंद्र लोढ़ा अहमदाबाद परिवार रहा।
इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष पदम छलानी,हर्ष लोढ़ा कमल कोठारी एवम आनंद मुणोत सहित युवाओं ने गुरु भक्ति के खूब जयकारे लगाए। जय जयकार जय जयकार विजय गुरु की जयकार से नवकार भवन को गुंजायमान कर दिया।
इस अवसर पर सामूहिक विजय गुरू चालीसा का पाठ में श्रद्धालुओं ने गहरे गोते लगाए। श्रावक श्राविकाओं ने एक साथ तिथुतो के पाठ से तीन बार सामूहिक वंदना कर गुरुदेव के यशस्वी एवम मनस्वी जीवन की मंगल कामना की।

गुरु के बिना जीवन अधूरा है =ढेडिया
इस अवसर पर संघ अध्यक्ष ढेडिया के आवास पर गुरु भक्ति आयोजन में समाज सेवी संपतराज ढेड़ीया ने कहा कि गुरु के बिना जीवन अधूरा हैं। जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका जीवन कोरा ही है। उन्होंने कहा कि श्री विजय गुरु देव ने उनके जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन किया गुरु भगवन की महर से मुझे दूसरा जीवन मिला है।
विजय गुरु उच्च कोटि के साधक है= कर्णावट
इस मौके पर संघ के राष्ट्रीय संरक्षक राजेंद्र कर्णावट ने कहा कि विजय गुरू उच्च कोटि के साधक है। वे वर्तमान समय में साक्षात भगवान है। उनमें सरलता एवम सहजता कूट कूट कर भरी हुई हैं। इस मौके पर पारसमल जैन, प्रकाश जैन,कमल छलानी, गणपत लोढ़ा ने गुरुदेव के जीवन दर्शन से अवगत कराया।

