ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) ,11 अक्टूबर
(प्रकाश जैन, वरिष्ठ पत्रकार)
नगर के कुंदन नगर में करवा चौथ का पर्व जबरदस्त उत्साह उमंग के साथ मनाया गया ।इस दौरान क्षेत्र की सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में निर्जला उपवास कर अपने पति की दीर्घायु एवम अपने
परिवार की सुख शांति, समृद्धि एवम खुशहाली की कामना की।
सामूहिक रूप से पूजा अर्चना की…
कुंदन नगर की महिला मंडल प्रमुख उषा गर्ग के नेतृत्व में उनके आवास पर शुक्रवार रात को क्षेत्र की
महिलाओं ने सामूहिक रूप से इस पर्व का जमकर लुफ्त उठाया एवम आनंद लिया। लगभग डेढ़ घंटे से ज्यादा तक सुहागिन महिलाओं ने सामूहिक तौर पर इक्ठे होकर पूजा अर्चना करते हुए चौथ माता की कथा सुनते हुए पूरे समर्पण भावों से पूजा की।

पर्व का बेसब्री से इंतजार था…
अहमदाबाद से विशेष तौर से करवा चौथ की पूजा अर्चना करने आई नव विवाहिता आंचल गर्ग बिली ये पर्व महिलाओं के लिए जश्न का महापर्व है इस पर्व की वे लंबे समय से इंतजार कर रही थी।
सबसे पवित्र एवम कठिन व्रत
इस मौके पर वरिष्ठ महिला नीरू जैन ने बताया कि सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे पवित्र एवम कठिन व्रतों में से एक व्रत है। करवा माता की कथा का उल्लेख करते हुए समाज सेविका जैन ने कहा कि माता करवा ने अपने पति की रक्षा हेतु यमराज को पराजित कर दिया था।तभी से ये पर्व पति की लंबी उम्र के प्रतीक के रूप में परंपरागत रूप से मनाया जाता है।

सोलह श्रंगार किए,मेंहदी रचाई
करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं ने इस पर्व को वैवाहिक जीवन के लिए बहुत खास पर्व बताया। क्षेत्र की सभी महिलाओं में अल भोर से इस पर्व की महत्ता समझते हुए विशेष उत्साह उमंग देखा गाय।

आस पड़ोस में इकठे होकर एक दूसरे के हाथों में मेंहदी रचाई,सोलह श्रृंगार किए,नए वस्त्र धारण कर पूजा में हिस्सा लेने से पूर्व पूरे दिन हाऊजी,कुर्सी दौड़,चम्मच दौड़ सहित अनेक खेलों का आनंद लिया
चांद के सामने चलनी में अपने पति का मुंह देखा..
चांद दिखने पर सुहागिन महिलाओं में चंद्रमा देखने की खूब होड़ मची इस मौके पर महिलाओं ने पति का मुख चलनी देखा। पति ने अपनी पत्नी को मिठाई खिलाकर उनका व्रत खुलवाया अवसर पर महिलाओं ने जमकर डांडिया एवम गरबा खेला।
इस मौके पर डिंपल गर्ग, नीरू जैन, सिम्पल श्रीश्रीमाल, मंजू बोहरा, पूनम बुरड़, पूजा बोहरा, सौम्या बुरड़,साक्षी सांड, अंतिमा बंब,रेखा शर्मा टीना मकाणा, उषा गर्ग,नम्रता बुरड़,आंचल गर्ग, खुशबू चौपड़ा सहित अनेक महिलाएं मौजूद थी।

