जयपुर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ)
अल सवेरे 06 बजे हुआ महा प्रयाण…
जैन जगत की दिव्य विभूति,वाणी के जादूगर,प्रवचन प्रभाकर,नानेश पट्टधर जैनाचार्य प्रवर श्री विजयराज जी म सा के सुशिष्य नव दीक्षित संत श्री रत्नाकर मुनि का सूबे की राजधानी जयपुर में आज गुरुवार अल भोर 06 बजे महा प्रयाण हो गया।
05 अक्टूबर को धारण किया साधु वेश…
श्री अखिल भारत वर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष समाज सेवी राजू भाई भुरट ने एक जानकारी में बताया कि छत्तीस गढ़ राजनांदगांव के लब्ध प्रतिष्ठित
सुश्रावक श्री रतन लाल जी गोलछा गत 05 अक्टूबर को संयम पथ के पथिक बने थे। उन्हे नानेश पट्टधर जैनाचार्य प्रवर श्री विजय गुरुदेव ने अपने मुखारविंद से एक सादे समारोह में जयपुर के तिलक नगर स्थित नवकार भवन में जैन भगवती दीक्षा प्रदान की थी।
03 घंटे आया संथारा..
नव दीक्षित संत श्री रत्नाकर मुनि महाराज को गुरुवार अल भोर 03 बजे चौवीहारी संथारा पूरी जाग्रत अवस्था में जैनाचार्य प्रवर श्री विजय गुरु ने करवाया था। उन्हे लगभग 03 घंटे का संथारा आया।
संथारे के बाद नवकार का सतत स्मरण करते रहे,अंतिम सांस नवकार स्मरण करते हुए ली…
संथारे ग्रहण करने के बाद संत श्री रत्नाकर मुनि लगातार नवकार महामंत्र का पावन स्मरण कर रहे थे। उन्होंने अंतिम सांस भी नवकार महामंत्र का स्मरण करते हुए ली।
अंतिम दर्शन हेतु लगा तांता…
ज्यों ही श्री रत्नाकर मुनि के महा प्रयाण की खबर जयपुर के जैन जैनेतर श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं को लगीं। संथारा साधक मुनि श्री के दिव्य दर्शन हेतु नवकार भवन में तांता लग गया।
महाप्रयाण यात्रा आज
दिवंगत संत श्री रत्नाकर मुनि सा की महा प्रयाण डोल यात्रा आज गुरुवार को तिलक नगर स्थित नवकार भवन से आरंभ होगी।
प्रकाश जैन ,वरिष्ठ पत्रकार

