मुमुक्षु आयुष कोठारी का ब्यावर नगर में अनेक जगह हुआ बहुमान… कहा.. संयम बिना जीवन कोरा है

मुमुक्षु आयुष कोठारी का ब्यावर नगर में अनेक जगह हुआ बहुमान… कहा.. संयम बिना जीवन कोरा है

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 18 अक्टूबर।

(प्रकाश जैन वरिष्ठ पत्रकार)

सांसारिक मोह माया को तजकर संयम पथ के पथिक बनने वाले ब्यावर शहर के लब्ध प्रतिष्ठित व्यवसाई अशोक उषा कोठारी के सुपुत्र मुमुक्षु आयुष कोठारी का नगर में कई स्थानों पर उनके साहसिक कदम की अनुमोदना करते हुए भावभीना स्वागत अभिनंदन किया गया।
सतरंगी दुनिया को छोड़कर संयम मार्ग अपनाने वाले मुमुक्षु आयुष आगामी 08 दिसंबर को जैनाचार्य प्रवर श्री रामेश के मुखारविंद से गंगाशहर भीनासर मे जैन भागवती दीक्षा ग्रहण कर जैन साधु बन जायेंगे।
उल्लेखनीय है कि उनकी बड़ी बहन हर्षाली ने भी 32 लाख का पैकेज छोड़ कर गत वर्ष आचार्य रामेश से संयम मार्ग पर आरूढ़ हुई थी वे अब महासती हर्षाली श्री के रूप में जिन शासन की दिव्य प्रभावना कर रही है।

स्वाध्याय संघ के प्रमुख के आवास पर हुआ बहुमान
दीक्षार्थी आयुष कोठारी का कृष्णा कॉलोनी स्थित आचार्य रामेश संघ के स्वाध्याय संघ ब्यावर प्रमुख सुश्रावक उतम श्रीश्रीमाल के आवास पर बहुमान समारोह में अभिनंदन किया गया।
मुमुक्षु एवम उसके वीर माता पिता के कृष्णा कॉलोनी पहुंचने पर भव्य अगुवाई करते हुए तिलक लगाकर स्वागत किया गया। मुमुक्षु आयुष का सुश्रावक उत्तम श्रीश्रीमाल के पारिवारिक सदस्य इंद्रा गौतम
श्रीश्रीमाल एवम हर्षिता जैन ने मोतियों का हार पहनाकर शाल ओढ़ाकर एवम साफा पहनाकर बहुमान किया गया।इस मौके पर वीर पिता अशोक कोठारी एवम वीर माता
उषा कोठारी का भी स्वागत किया गया। श्रीश्रीमाल परिवार द्वारा मुमुक्षु की खोल भरकर अनुमोदना की गई।


इस अवसर पर दीक्षार्थी धन्य हो धन्य हो,अनुमोदना अनुमोदना से समूचा क्षेत्र गूंज उठा।
संघ प्रवक्ता के आवास पर हुआ अभिनंदन…
ब्यावर में जन्मे जाए मुमुक्षु आयुष कोठारी का नगर के जैन मित्र मंडल के प्रवक्ता नौरतमल बाबेल के मेवाडी गेट स्थित आवास पर अभिनंदन किया गया।बाबेल परिवार के नोरतमल बाबेल व एवंत कुमार ने मुमुक्षु का माला पहनाकर स्वागत करते हुए शाल ओढ़ाकर बहुमान किया।


बहुमान समारोह के ये रहे साक्षी..
मुमुक्षु के अभिनंदन एवम बहुमान कार्यक्रम में बाबेल परिवार के मुखिया अमरचंद,नोरतमल, ऐवंतकुमार
चंद्रकांता, रीना बाबेल,विदुषी, भुमिती जैन, देवीलाल रांका,उतमचंद,गोतम चंद श्रीश्रीमाल इन्द्रा श्रीश्रीमाल हर्षीता जैन आदि मोजूद रहे।


संयम बिना जीवन अधूरा है
इस मौके पर अमर छत्तीसगढ़ से बतियाते हुए कहा कि मुमुक्षु आयुष ने कहा कि मनुज जीवन अनमोल है। अंनत अंनत पुण्य वाणी के प्रबलयोग से मानव जीवन की प्राप्ति होती है हमे इसका हमें सम्यक उपयोग करना चाहिए। उन्होने कहा कि संयम के बिना जीवन कोरा है। मोक्ष पाने हेतु संयम लेना अति आवश्यक है।

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