नगपुरा (अमर छत्तीसगढ) 3 अक्टूबर। तपोभूमि श्री उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ नगपुरा में कार्तिक पूर्णिमा दिनांक 5 नवम्बर 2025 बुधवार को चातुर्मास परिवर्तन के साथ अनेक विध आयोजन सम्पन्न होगा। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक पूर्णिमा को देशभर से सैकड़ो पूनम यात्री तीर्थपति के दर्शन वंदन हेतु आते हैं।

इस वर्ष तीर्थभूमि में श्री लब्धि-विक्रम गुरुकृपा प्राप्त, गच्छाधिपति तीर्थप्रतिष्ठाचार्य श्रीमद्विजय राजयश सूरीश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्तिनी, प्रवर्तिनी साध्वीवर्या प०पू० श्री वाचंयमा श्री जी (बेन म०सा०) की प्रशिष्या पूज्य साध्वी श्री लक्ष्ययशाश्रीजी, साध्वी श्री लब्धियशा श्री जी, साध्वी श्री आज्ञायशा श्री जी म .सा.की निश्रा में देशभर के लगभग 171 आराधकों ने सामूहिक चातुर्मास आराधना किए।

कार्तिक पूनम को चातुर्मास की पूर्णता के साथ स्थान परिवर्तन की क्रिया होगी। कार्तिक पूर्णिमा को प्रातः 6 बजे सामूहिक प्रभुदर्शन, चैत्यवंदन होगा। प्रातः 6.30 बजे तीर्थपति की महाप्रभाविक उवसग्गहरं स्तोत्र मंत्रोच्चार के साथ 108 वासक्षेप विधान होगा। प्रातः 7 से 8 बजे पूज्य साध्वीवृंद की निश्रा में तीर्थाधिराज श्री शत्रुंजय महातीर्थ की भाव यात्रा, भाववाही वंदनावली होगी।

प्रातः 9 बजे श्री वर्धमान शक्रस्तव के साथ तीर्थपति का महाभिषेक होगा। प्रातः 9 .15 बजे तीर्थ के तीन गभारा में श्राविका मंजूबेन ललवानी हैद्राबाद, श्री मांगीलाल ,संदीप, गौतम, अभिषेक निमाणी दुर्ग, एवं श्रीमती शोभादेवी रमेश ललवानी भिलाई परिवार द्वारा रजत छत्र समर्पण का विधान होगा। इस अवसर पर दिल्ली, मुम्बई , अहमदाबाद, कलकत्ता, नागपूर, सहित छत्तीसगढ़ अंचल के दुर्ग, राजनांदगांव, रायपुर धमतरी, खैरागढ़, साजा, देवरी, अर्जुनी, जगदलपुर से अनेको तीर्थभक्तों का तीर्थ आगमन हो रहा है।

