ऑपरेशन साइबर शील्ड में बड़ी सफलता : पुलिस ने मुंबई और पुणे से दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

ऑपरेशन साइबर शील्ड में बड़ी सफलता : पुलिस ने मुंबई और पुणे से दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 11 नवंबर। छत्तीसगढ़ के रायपुर रेंज साइबर पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत दो अलग-अलग प्रकरणों में ठगी करने वाले दो अंतर्राज्यीय आरोपियों को मुंबई और पुणे से गिरफ्तार किया है। एक आरोपी ने एसबीआई बैंक प्रबंधक को फिक्स्ड डिपॉजिट का झांसा देकर लगभग 18 लाख रुपये की ठगी की थी। जबकि दूसरे ने ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।

रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा द्वारा साइबर अपराधों में शामिल मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिए गए विशेष निर्देशों के बाद यह कार्रवाई सफल रही। उन्होंने रेंज साइबर थाना रायपुर को तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर कार्रवाई को अंजाम देने का निर्देश दिया था।

इस प्रकरण में, भारतीय स्टेट बैंक, रामसागरपारा शाखा के प्रबंधक आशुतोष कुमार ने थाना आजाद चौक में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें बड़ी राशि फिक्स्ड डिपॉजिट कराने के बहाने झांसा देकर 17.82 लाख रुपये की धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया। इस पर धारा 318(4) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया।

ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत तकनीकी विश्लेषण कर मुख्य आरोपी की पहचान सरफराज अंसारी (20 वर्ष, निवासी कुशीनगर, उत्तर प्रदेश) के रूप में की गई। घटना के बाद आरोपी पुणे, महाराष्ट्र में छिप गया था। पुणे में छापेमार कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी से महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं और पीड़ित को ठगी की संपूर्ण राशि वापस दिलाई गई है।

दूसरे मामले में देवेश साहू ने थाना मंदिरहसौद में शिकायत की कि उनसे ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के झांसे में 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस पर धारा 420, 34 भा.द.वि. के तहत मामला दर्ज किया गया। जिसकी विवेचना रेंज साइबर थाना रायपुर कर रहा है।

विवेचना के दौरान टेलीग्राम और बैंक खातों की जानकारी के तकनीकी विश्लेषण से आरोपी मयूर जोशी (29 वर्ष, निवासी उल्हासनगर, महाराष्ट्र) की पहचान हुई। जांच में पता चला कि आरोपी ने पीड़ित को गूगल रिव्यू लिखने का टास्क दिया। शुरुआत में छोटी रकम देकर भरोसा दिलाने के बाद, बाद में अधिक रकम लेकर वापस नहीं की गई। मुंबई में कार्रवाई कर मयूर जोशी को गिरफ्तार किया गया।

Chhattisgarh