संत प्रवर कौशल मुनि का कल ब्यावर में होगा मंगल प्रवेश… 1 जनवरी को जैन दादावाडी में ध्वजा समारोह में शिरकत करने हेतु खतरगच्छ संघ का एक दल पहुंचा नवकार भवन

संत प्रवर कौशल मुनि का कल ब्यावर में होगा मंगल प्रवेश… 1 जनवरी को जैन दादावाडी में ध्वजा समारोह में शिरकत करने हेतु खतरगच्छ संघ का एक दल पहुंचा नवकार भवन

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 18 नवंबर।
जैन धर्म में वर्षाकालीन वर्षा वास की खासा महत्व है। जैन धर्म के विभिन्न घटकों,संप्रदायों के साधु संत एवम महासती मंडल वर्षा कालीन चातुर्मास में 04 माह एक ही जगह स्थिर प्रवास कर श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं में लगातार धर्म जागरणा कर धर्म ध्यान,जप जाप,तप त्याग एवम आराधना साधना का अनुपम ठाठ लगाकर जैन धर्म की पताका को सतत लहराते हुए जिनवाणी की पावन बरखा में श्रद्धालुओं को गहरे गोते लगवाते हैं।


08 माह जैन धर्म के संदेशों का अलख जगाते देश भर में
04 माह के चातुर्मास के बाद शेष 08 माह में साधु संत एवम महासती मंडल गांव गांव,ढाणी ढाणी में शेखे काल अल्पकालीन प्रवास कर देश भर में विचरण कर जैन धर्म का दिव्य डंका बजाते हैं। इसी युक्ति को सार्थक कर रहे हैं श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के संघनायक,जैन धर्म की दिव्य विभूति, वाणी के जादूगर, प्रवचन प्रभाकर जैनाचार्य प्रवर 1008 श्री विजयराज जी महाराज एवम उनके आज्ञानुवर्ती एवम शिष्य मंडली के साधु संत एवम महासती मंडल।


ब्यावर की वीर व तपो धरा पर होगा संत महासती मंडल का होगा निरन्तर पदार्पण
श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ ब्यावर के सिरमौर समाज सेवी संपतराज ढेड़ीया ने ब्यावर ब्यूरों प्रमुख से बातचीत करते हुए बताया कि संघ के महान पुण्योदय से मेवाड़ी गेट बाहर स्थित जैनाचार्य विजराज मार्ग स्थित नवकार भवन प्रदेश के भिन्न भिन्न क्षेत्रों में चातुर्मास कर रहें संत मुनिराजों एवम साध्वी मंडल के ब्यावर की दिशा में संघ के जैनाचार्य श्री विजय गुरु के निर्देश से विहार होने का सिलसिला का आगाज हो गया हैं।


संघ के कार्यकारी अध्यक्ष पारसमल जैन एवम संघ उपाध्यक्ष गणपतराज लोढ़ा ने हमारे बताया कि नवकार भवन में शेखे काल के अल्पकालीन प्रवास हेतु संघ की वरिष्ठ साध्वीरत्ना शासन प्रभाविका राजश्रीं जी महाराज सा अपने सहयोगी साध्वियों के साथ प्रवासरत हैं। जिनकी पावन प्रेरणा से एवं संघ के सदस्यों में एक नई दिशा,नई स्फूर्ति के साथ धर्म आराधना करने की इच्छा प्रबल हो गई हैं।


संत प्रवर कौशल मुनि का कल होगा पदार्पण
जैनाचार्य प्रवर श्री विजय गुरु के संत प्रवर श्री कौशल मुनि महाराज श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के विशेष आग्रह पर मंगलवार को ब्यावर पधारेंगे।


संघ के पूर्व अध्यक्ष शिक्षाविद शांतिलाल कोठारी ने एक जानकारी में से बताया कि नानेश पट्टधर,वाणी के
जादूगर संयम सुमेरु श्री विजय गुरु के प्रमुख संतो में से एक बाबरा के जाए जन्मे संत प्रवर कौशल मुनि ने अपनी संयमी यात्रा के 27 वर्ष बाद बाबरा एवम आस पास के गांवों की पुरजोर आग्रह पर ऐतिहासिक वर्षा कालीन चातुर्मास कर धर्म ध्यान का जबरदस्त ठाठ लगाया।

गांव वालो को सप्त कूव्यसनों को छुड़वाकर नित्य धर्म ध्यान करने,परोपकार एवम सेवा कार्यों में अपनी शक्ति लगाने हेतु प्रेरित किया।


यूवा संघ अध्यक्ष विनोद लोढ़ा एवम महामंत्री प्रिंस कोठारी ने बताया कि संत प्रवर के साथ संत विदित मुनि महाराज एवं संत वेरागय प्रिय मुनि सा भी संघ की विनती को तवज्जू देकर ब्यावर पधार रहे हैं।

संघ अध्यक्ष संपतराज ढेडिया एवम महामंत्री कमल छलानी ने बताया कि संत प्रवर अपना बाबरा चातुर्मास पूर्ण कर गांव गांव,ढाणी ढाणी पैदल विहार करते हुए नया गांव पहुंचे। वहां से मंगलवार को गुजरो की ढाणी में प्रवासरत हैं।
संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष पारसमल जैन ने बताया कि संत प्रवर कौशल मुनि सा बुधवार सवेरे सूर्योदय के बाद अपने सहयोगी संतों के साथ नगर में भव्य मंगल प्रवेश करेंगे। उनका नगर में अल्पकालीन प्रवास होगा।

उल्लेखनीय रहे कि संत प्रवर कौशल मुनि का 2024 का चातुर्मास ब्यावर के जैनाचार्य विजयराज मार्ग स्थित नवकार भवन में ही हुआ था। संघ के वीर भ्राता केवलचंद खींचा ने बताया कि संत प्रवर की दीक्षा भी बाबरा गांव में हुई थी।

संत प्रवर को समता विभूति जैनाचार्य नानेश संघ के प्रमुख संत पंडित रत्न श्री प्रेम मुनि सा ने अपने मुखारबिंद से जैन भगवती दीक्षा प्रदान कर संयम मार्ग पर आरूढ़ किया था।
गायक आशीष हर्षित बोले निष्काम भावों से की गई सेवा कभी व्यर्थ नहीं जाती
जिले के उभरते एवम कोकिल कंठी गायक आशीष हर्षित जैन ने कहा कि संतो की निष्काम भाव से की गई सेवा कभी भी बेकार व्यर्थ नहीं जाती हैं।हमें संतो के समागम का दिव्य लाभ उठा कर दुर्लभ मानव जीवन की महता को समझते हुए गुरु चरणों में बैठकर जीवन का उत्थान करने का सदप्रयास सतत करते रहना चाहिए।
श्री खतरगच्छ संघ के संघ प्रमुख पहुंचे नवकार भवन,किए साध्वी मंडल के दर्शन,संघ को दिया न्यौता
श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ, का एक विशेष दल नवकार भवन में प्रवासरत महासती रत्ना राजश्री एवम साध्वी मंडल के दिव्य दर्शनों के हेतु पहुंचा।


संस्था के प्रमुख,समाज सेवी बलवंत रांका एवं कार्यकारिणी सदस्यों के इस विशेष दल ने जनवरी माह में बलाड़ रोड स्थित प्रमुख जैन दादावाड़ी के वार्षिक ध्वजा कार्यक्रम के विराट जलसे में शिरकत करने एवम ब्यावर सकल जैन समाज का स्वामीवात्सल्य आयोजन का सविनय न्यौता दिया।

संस्था के सेवा समर्पित युवा समाज सेवी कमल श्रीश्रीमाल ने बताया की इस ध्वजा समारोह के
संपूर्ण लाभार्थी मातु श्रीमती ज्ञानकंवर बाईजी,देश के ख्यातनाम भामशाह उदारमना सेठ बहादुर भाई -सुशीला जी कांकरिया परिवार, ब्यावर बैंगलोर होंगे। ध्वजा जलसा समारोह अपने आप में अद्भुत होगा।


भामाशाह बहादुर कांकरिया बोले उनका सपना जन्म भूमि में परोपकार का कोई बड़ा कार्य करने की
भामाशाह सेठ बहादुर जी कांकरिया ने राजस्थान लहर से वार्ता करते हुए बताया कि चौबीस तीर्थंकरों की दिव्य महर एवम श्री दादा गुरुदेव की दिव्य कृपा एवम आशीर्वाद से वे समाज के विभिन्न सेवा प्रकल्पों में सहभागी बन पा रहे हैं।

समाज रत्न भामाशाह श्री कांकरिया ने अपनी धर्म सहायिका सु श्राविका सुशीला देवी के साथ बड़े गर्व के साथ कहा कि संघ के संत महापुरुषों वे सदा नमन करते उनके दिखाए मार्ग एवम अपने पूज्य पिताश्री मातु श्री के दिव्य आशीष से समाज सेवा निस्वार्थः भावों से करने का संकल्प लेकर उसे पूरा करने का भरसक सद प्रयास करते हैं।उन्होंने कहा कि उनकी व उनकी धर्म सहायिका का एक दिव्य सपना है कि अपने संचित धन से मानवता एवम परोपकार का कोई बड़ा कार्य करेंगे जिससे आने वाली कई पीढ़ियां लाभान्वित हो सकेगी।

यहां ये उल्लेखनीय रहे कि समाज सेवा को समर्पित सुश्रावक नित्य पूजा अर्चना धर्म ध्यान में अपनी धर्म सहायिका के साथ तल्लीन रहते हैं उनके आवास पर आया कोई भी व्यक्ति कभी खाली नहीं जाता।

ब्यावर नगर के असहाय एवम जरूरतमंद लोगों की सहायता में वे सदैव तत्पर रहते हैं। देश के जैन समाज के अनेक क्षेत्रों में श्री कांकरिया उदार भावों से आगे बढ़कर निस्वार्थ भाव से बिना प्रचार प्रसार के सहयोग में जुटे हुए हैं।


संत प्रवर कौशल मुनि विहार यात्रा में पदयात्री बने श्रद्धालु
साधुमार्गी शांत क्रांति के युवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री प्रकाश जैन ने बताया कि साधु संतो,एवम महासती मंडल की विहार यात्रा में युवा संघ एवम श्रावक संघ सहित चातुर्मास स्थल क्षेत्र के सेवा समर्पित सदस्यों का उत्साह उमंग अनुकरणीय हैं।


बाबरा में चातुर्मास संपन्न कर रहे संत प्रवर कौशल मुनि के बाबरा से ब्यावर की विहार यात्रा में ब्यावर एवम बाबरा वासियों ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लेकर धर्म की प्रभावना की।

मंगलवार को संत मंडल की विहारयात्रा में ब्यावर संघ अध्यक्ष संपत राज ढेडीया, कार्यकारी अध्यक्ष पारसमल जैन, पूर्व अध्यक्ष शांतिलाल कोठारी, हुकमीचंद मुथा, राजेंद्र लोढ़ा, नेमीचंद तातेड, केवलचंद खींचा,ओंकार मल लोढ़ा सहित बाबरा एवम आस पास के ग्रामीणों ने हिस्सा लेकर पुण्य अर्जन किया।

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