संत प्रवर कौशल मुनि का ब्यावर में पदार्पण, नवकार भवन में हुआ मंगल प्रवेश… जैनाचार्य विज्यराज जी महाराज को ब्यावर चातुर्मास करने की पुरजोर विनती,विशेष दल पहुंचा गुरु चरणों में रूपनगढ़

संत प्रवर कौशल मुनि का ब्यावर में पदार्पण, नवकार भवन में हुआ मंगल प्रवेश… जैनाचार्य विज्यराज जी महाराज को ब्यावर चातुर्मास करने की पुरजोर विनती,विशेष दल पहुंचा गुरु चरणों में रूपनगढ़

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 19 नवंबर।

जैन धर्म की दिव्य विभूति, प्रवचन प्रभाकर, वाणी के जादूगर, संयम सुमेरु,नानेश पट्टधर 1008 श्री विजय राज जी म.सा.के संत मुनिराजों एवं महासती मंडल का ब्यावर की तपो एवं वीर धरा पर पधारने का सिलसिला लगातार जारी है।बुधवार सवेरे संघ के प्रमुख संत प्रवर कौशल मुनि जी नेअपने सहयोगी संतो के साथ ब्यावर के मेवाड़ी गेट बाहर जैनाचार्य विजयराज मार्ग स्थित नवकार भवन में भव्य मंगल प्रवेश किया।

इस अवसर पर श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ ब्यावर सहित विभिन्नघटकों के श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं ने संत मंडल को विधिवत वंदन नमन कर भव्य अगुवाई करते हुए अहिंसा के अवतार भगवान महावीर स्वामी समता विभूति जैनाचार्य नानेश,संयम सुमेरु विजय गुरु की जय जयकारों से स्वागत करते हुए श्रद्धा भक्ति से नवकार भवन के मेघराज कोठारी भवन में भव्य मंगल प्रवेश कराया।


श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन युवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री सुश्रावक प्रकाश जैन ने एक जानकारी में बताया कि श्री विजय गुरु संघ के प्रमुख संत,संत प्रवर श्री कौशल मुनि जी अपने सहयोगी संतो श्री विदित मुनी,संत वैराग्य मुनि के साथ निकटवर्ती निकटवर्ती गांव बाबरा में वर्षा कालीन चातुर्मास पूर्ण कर ब्यावर संघ की भाव भरी विनती को स्वीकार कर नगर में पधारे हैं।

श्री जैन ने बताया कि बाबरा की के जन्मे जाए संत प्रवर कौशल मुनि ने आज से 27 वर्ष पूर्व जैनाचार्य प्रवर समता विभूति जैनाचार्य श्री नानेश के प्रमुख संत पंडित रत्न श्री प्रेम मुनि जी महाराज से बाबरा में संयम अंगीकार किया था।

जैन भगवती दीक्षा लेने के बाद संत प्रवर कौशल मुनि का बाबरा गांव में अपना पहला चातुर्मास रहा।इस चातुर्मास में बाबरा सहित आसपास के गांव के सैंकड़ों ग्रामीणों ने पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ धर्म ध्यान करते हुए चातुर्मास का दिव्या लाभ उठाया। 4 माह तक बाबरा में जिनवाणी का डंका बजाते हुए संत मंडल ने जैन जैनेतर लोगों में लोगों को सप्त कुव्यसनों छुड़वाकर जैन धर्म की दिव्य ज्योत जलाई। संत कौशल मुनि जी ने अपने इस चातुर्मास को अपनी संयम साधना,आराधना के माध्यम से जन-जन को जोड़कर पूरे क्षेत्र में अध्यात्म एवं धर्म की गहरे गोते लगवाएं।


दो अलग अलग धाराओं के संत सती वर्ग का हुआ मिलन,पूछी सुख साता
संत कौशल मुनि ने बाबरा से विहार कर बाबरा से ब्यावर तक गांव गांव, ढाणी ढाणी में भगवान महावीर एवम श्री विजय गुरु के दिव्य संदेशों का खूब अलख जगाया।बुधवार सवेरे गूजरों जी ढाणी से पैदल विहार कर छावनी चोराहा, विक्रांत होटल मार्ग, डिग्गी मोहल्ला,हलवाई गली,महावीर भवन,आचार्य नानेश मार्ग होते हुए नवकार भवन पहुंचे।

व्यसन मुक्ति के प्रणेता जैनाचार्य प्रवर श्री रामलाल जी महाराज की आज्ञानुवर्ती वरिष्ठ साध्वी श्री पराग श्री जी महाराज को जैसे ही ये जानकारी हुई कि श्री विजय गुरु के प्रमुख संत प्रवर कौशल मुनि ब्यावर पधार रहे हैं तो वे अपनी सहयोगी साध्वियों के साथ कांकरिया ढेलान से नया बास स्थित महावीर भवन के बाहर संत मंडल का खड़े खड़े इंतजार करते रहे। जैसे ही संत प्रवर पहुंचे वंदन नमन कर संत मंडल की विहार की सुख साता पूछी।

संतो ने भी पूरे अहोभाव से आशीर्वचन प्रदान किए। ये नजारा देखकर दोनो संप्रदाय एवम अलग अलग घटकों के श्रद्धालु खूब हर्षित एवम प्रफुल्लित हुए।
नवकार भवन में नित्य बरसेगी जिनवाणी
श्री साधुमार्गी जैन शांत क्रांति श्रावक संघ के अध्यक्ष समाजसेवी संपतराज ढेड़ीया महामंत्री कमल छलानी ने बताया कि संत एवं सती मंडल के नित्य प्रति प्रवचन जैनाचार्य विजयराज मार्ग स्थित नवकार भवन में होंगे।

प्रवचन से पूर्व प्रातः 7:15 बजे ज्ञान तत्व चर्चा की विशेष कक्षा होगी।कक्षा में साध्वी श्री श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं के जैन धर्म के विविध विषयों की व्यापक जानकारी देते हुए उनके ज्ञानार्जन में अभिवृद्धि करेंगे।

दोपहर में संत एवं साध्वी मंडल मंडल की पवन मिश्रा में श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं के लिए तत्व एवम ज्ञान चर्चा के साथ जिज्ञासाओ का भी समाधान होगा।
ब्यावर महाविदेह क्षेत्र है,यहां धर्म ज्ञान की सदा गंगा बहती है
संत कौशल मुनि ने विहार के बाद धर्म सभा में कहा कि ब्यावर महाविदेह क्षेत्र हैं। ब्यावर में चारों ओर जैन स्थानक उपासरे हैं यहां 12 माह साधु संतो का प्रवास रहता हैं। धर्म ध्यान,।तप त्याग की नगर में सदा बयार बहती रहती हैं।

उन्होंने ब्यावर संघ को पुण्यवान संघ की उपमा देते हुए संघ के श्रद्धा भक्ति की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। संत मंडल की ब्यावर में प्रवास रत वरिष्ठ साध्वी रत्ना राज श्री महाराज ने सविधि वंदना अर्ज कर अगुवाई की।
विहार यात्रा मे युवाओं का झलका जबरदस्त उत्साह सेवा भाव
संत मंडल की विहार यात्रा मे एक और जहां श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन युवा संघ,श्रावक संघ के सदस्य सर्व श्री विनोद लोढ़ा,प्रिंस कोठारी, खींचा,वैभव ढेड़ीया, हर्षित खींचा ऋषभ श्रीश्रीमाल,प्रदीप कोठारी,
मीठालाल जी पीपाड़ा, संदीप ढेड़ीया पवन लोढ़ा, विनोद सांखला,प्रकाश जैन थे तो वहीं सभी संप्रदाय के साधु संतो की सेवा में अग्रणी संस्था श्री जैन यूथ समिति के उमंग कोठारी अंश बोहरा, ईशान बम,विनय रेदासनी,पीयूष अजमेरा, प्रिंस मकाणा एवं गर्वित भंसाली ने विहार सेवा में संतो के साथ पैदल चलकर अपनी भक्ति श्रद्धा का परिचय दिया।


राजेंद्र लोढ़ा के नेतृत्व में पहुंचा एक दल रूपनगढ़, जैनाचार्य को ब्यावर पधारने की विनती
संयम सुमेरु ,प्रवचन प्रभाकर, नानेश पट्टधर जैनाचार्य 1008 श्री विजय राज जी महाराज अपनी शिष्य मंडली के साथ सूबे की राजधानी जयपुर में वर्षा कालीन वर्षवास पूर्ण कर अहिंसा के अवतार श्रमण भगवान महावीर के दिव्य संदेशों का अलख जगाते हुए रूपनगढ़ विराज रहे हैं। श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ का एक विशेष दल संघ के कर्मठ ,ऊर्जावान श्रावक राजेंद्र लोढ़ा के नेतृत्व में गुरु चरणों में पहुंचा और पूज्य गुरु भगवन से ब्यावर पधारने एवम 2026 का चातुर्मास ब्यावर करने की पुरजोर विनती एवम सविनय अरदास की। जैनाचार्य प्रवर ने शिष्ट मंडल की भावनाओं एवम विनती को झोली में ली। विशेष दल में वीर पिता हुकमीचंद मुथा,पूर्व अध्यक्ष शांतिलाल कोठारी, नेमीचंद लोढ़ा एवम युवा चेता गौतम लोढ़ा थे।


कौशल मुनि महाराज के सानिध्य में संस्कार शिविर आज से
बालक एवम बालिकाओं में धार्मिक एवम नैतिक सु संस्कारों की अभिवृद्धि हेतु दो दिवसीय शिविर का भव्य आयोजन गुरुवार से श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के तत्वाधान में किया जा रहा हैं।


संघ के राष्ट्रीय संरक्षक राजेंद्र कर्णावट ने ये जानकारी देते हुए बताया कि श्री विजय गुरु देव के संतो के ब्यावर में निरंतर पदार्पण को देखकर संघ ने साधू संतो एवम महा सती मंडल की पावन निश्रा में धार्मिक शिक्षण शिविर आयोजित करने का बीड़ा उठाया हैं।


संघ अध्यक्ष संपतराज ढेड़ीया महामंत्री कमल छलानी ने बताया कि दो दिवसीय धार्मिक एवम नैतिक संस्कार शिविर में नवकार भवन में संत कौशल मुनि सहित संत मंडल एवम सेठ चंपालाल जैन नवकार पौषधशाला में साध्वी रत्ना राजश्री महाराज बच्चों को जैन धर्म के विविध विषयों की गूढ़ जानकारी देकर उनके ज्ञानार्जन में अभिवृद्धि करते हुए
सुसंस्कारों का बीजारोपण करेंगे। शिविर में शिरकत करने वाले प्रतिभागियों को संघ की ओर से आकर्षक पुरस्कारों से नवाजा जायेगा।

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