सिलचर असम (अमर छत्तीसगढ) 23 दिसम्बर।
जीवन व्यवहार और सत्य दो ऐसे पहलू हैं जो हमारे जीवन को आकार देते हैं। जीवन व्यवहार हमारे दैनिक जीवन में हमारे व्यवहार, आचरण और गतिविधियों को संदर्भित करता है। यह हमारे व्यक्तित्व, संस्कृति, मूल्यों और विश्वासों को दर्शाता है।
अच्छे जीवन व्यवहार से हम अपने रिश्तों को मजबूत बना सकते हैं, समाज में सम्मान प्राप्त कर सकते हैं और अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं। उपरोक्त विचार आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनि रमेश कुमार जी ने “हमारा जीवन व्यवहार और सत्य विषय पर आयोजित अपने विशेष प्रवचन में व्यक्त किये।

जैन तेरापंथी मुनि रमेश कुमार असम-मेघालय पद यात्रा करते हुए सिलचर स्थित जैन भवन में प्रवासित है। श्रद्धालुओं का सतत आवागमन चल रहा है। आपने आगे कहा- सत्य बोलना, सत्य का पालन करना और सत्य के लिए खड़े होना जीवन में सफलता और सम्मान की कुंजी है। सत्य हमें आत्मविश्वास, शांति और आत्म-सम्मान प्रदान करता है।

मुनि रत्न कुमार जी ने भी अपने सारगर्भित प्रवचन से सभी को धार्मिक जीवन की प्रेरणा दी।
प्रवचन से पूर्व सामुहिक रुप से भक्तामर स्तोत्र का सामूहिक पाठ किया गया।

नागौर राजस्थान से 38000 किलोमीटर साइकिल पर यात्रा की
साइक्लिंग यात्रा करते हुए पप्पू चौधरी सिलचर पहुंचे। एनवायरनमेंट के उद्देश्य से साइक्लिंग यात्रा करने वाले पप्पू चौधरी का तेरापंथी सभा अध्यक्ष नवरतन मल जी चौपडा ने समाज की ओर से फूलाम गामोछा से सम्मान किया। इस यात्रा में एक लाख वृक्षारोपण का लक्ष्य भी है।
संप्रसारक
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा सिलचर असम

