सीतापुर(अमर छत्तीसगढ) 26 दिसम्बर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित सीतापुर ब्लॉक में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति केरजु के प्रबंधक एवं धान खरीदी केंद्र प्रभारी दिनेश गुप्ता ने देर रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वे रात करीब 1 बजे तक कार्यालय में मौजूद थे और घर लौटने के कुछ देर बाद ही यह कदम उठाया।
दिनेश गुप्ता सोमवार रात लगभग 1 बजे तक समिति कार्यालय में मौजूद थे। करीब 1:30 बजे वे घर पहुंचे और थोड़ी ही देर बाद अपने घर के ग्राउंड फ्लोर में फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह जब उनकी मां उठीं तो उन्होंने सबसे पहले बेटे को फांसी पर लटकता देखा।
सुबह घटना का पता चलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिवार के रोने-बिलखने की आवाजें सुनकर पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।

समिति प्रबंधक के रूप में पदस्थ दिनेश गुप्ता के ऊपर समिति में हुई धान की कमी के चलते लाखों रुपए की रिकवरी निकल आई थी। बताया जा रहा है कि इस वजह से वे कई दिनों से मानसिक तनाव में थे और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे। घटना से पहले भी वे काफी परेशान दिखाई दे रहे थे।
पारिवारिक सूत्र बताते हैं कि दिनेश गुप्ता बीती रात भी बेहद चिंतित थे। देर रात तक समिति में रुकने के बाद वे घर लौटे और मानसिक बेचैनी इतनी बढ़ चुकी थी कि कुछ ही समय बाद उन्होंने आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल भेजा, जहां पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब समिति में धान की कमी, रिकवरी और निजी आर्थिक दबाव से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

