रायपुर (अमर छत्तीसगढ) 27 दिसम्बर।
वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था के अंतर्गत GST अपीलीय अधिकरण (GSTAT) का जनवरी 2026 से क्रियाशील होना देश के करदाताओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं लंबे समय से प्रतीक्षित सुधार है। यह उल्लेखनीय है कि GST लागू होने के लगभग 8 वर्ष पश्चात यह आवश्यक न्यायिक व्यवस्था साकार हो रही है।
अब तक, यदि कोई करदाता आयुक्त (अपील) के आदेश से असंतुष्ट होता था, तो उसे न्याय के लिए सीधे उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ती थी। यह प्रक्रिया महंगी, समय-साध्य एवं जटिल होने के कारण प्रत्येक करदाता के लिए व्यवहारिक नहीं थी। वहीं दूसरी ओर, उच्च न्यायालय पहले से ही अत्यधिक लंबित मामलों के दबाव में हैं, जिससे न्याय में अनावश्यक विलंब हो रहा है।
GST अपीलीय अधिकरण के गठन से करदाताओं को एक विशेषीकृत, स्वतंत्र एवं सुलभ न्यायिक मंच प्राप्त होगा, जहाँ वे आयुक्त (अपील) के आदेशों के विरुद्ध प्रभावी एवं किफायती रूप से अपील प्रस्तुत कर सकेंगे। यह अधिकरण GST कानून के अंतर्गत विवादों के त्वरित, तकनीकी एवं न्यायोचित निपटारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह कदम न केवल GST कानून की मूल अपीलीय संरचना को पूर्ण करता है, बल्कि देशभर में समानता, पारदर्शिता एवं स्थिरता के साथ कर न्याय सुनिश्चित करने में भी सहायक होगा। साथ ही, इससे उच्च न्यायालयों पर मुकदमों का भार कम होगा और अनावश्यक रिट याचिकाओं में भी कमी आएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य पीठ (Raipur Bench) हेतु सदस्यों की नियुक्ति
GSTAT द्वारा राज्य पीठों हेतु सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य पीठ, रायपुर के लिए निम्नलिखित सदस्यों की नियुक्ति की गई है:
1. न्यायिक सदस्य – श्री प्रदीप कुमार व्यास
2. तकनीकी सदस्य (केंद्रीय) – श्री सतीश कुमार अग्रवाल
3. तकनीकी सदस्य (राज्य) – नियुक्ति शेष
उपरोक्त नियुक्त सदस्य दिनांक 21/01/2026 को अपने पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे।
GST अपीलीय अधिकरण का क्रियाशील होना करदाताओं के विश्वास को सुदृढ़ करेगा, Ease of Doing Business को बढ़ावा देगा तथा GST व्यवस्था को अधिक प्रभावी, न्यायसंगत एवं विश्वसनीय बनाएगा।
सीए विकास गोलछा
अध्यक्ष
रायपुर शाखा
केंद्रीय भारत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स क्षेत्रीय परिषद (CIRC of ICAI)

