जांजगीर-चांपा(अमर छत्तीसगढ) 6 जनवरी। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में रिश्वतखोर कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। आरोपी आरक्षक ने महिला वकील से 1000 की रिश्वत जबरदस्ती फोन पे के माध्यम से ली थी। अधिवक्ता की शिकायत पर एसपी ने तत्काल प्रभाव से आरक्षक को निलंबित कर दिया है। सस्पेंड आरक्षक का नाम रंजीत कुमार अनंत है।
2 जनवरी को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी चांपा में थाना बिर्रा अपराध क्र. 173/2025 का अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होना था जिसकी जमानत के लिए मैं अरोपी हनुमान निषाद के पैरवी हेतु गयी थी, जहां अरोपी हनुमान निषाद का न्यायालय से जमानत करवाना था मेरे द्वारा न्यायालय में जाकर आरक्षक रंजित कुमार आंनत से पूछने पर कि अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत हो गया है।

जमानत के लिए स्वयं का मुचलका करवाना है बोली, तभी रंजित कुमार आंनत इसमें जमानतदार लगेगा कहने लगा। तभी मैं न्यायालय के बाहर आ गयी। मुझे बाहर में मिला और कहने लगा कि जमानतदार नही है फिर भी कोई बात नहीं, बिना जमानतदार के मैं करवा दूंगा, मेरा जुगाड़ है। फिर मैं न्यायालय के बाहर आ गयी। मुझे बाहर में मिला और कहने लगा कि जमानतदार नही है फिर भी कोई बात नहीं बिना जमानतदार के मैं करवा दूंगा, मेरा जुगाड़ है।
मेरे द्वारा पैसा नहीं रखी हूं कहने पर ऐसे कैसे चलेगा, पूरा काम तुम्हारा कर दिया हूं, अभी एक हजार रूपये दो कह कर बदतमीजी से बात करने लगा। मेरे पास कैस पैसा नही है कहने पर आरक्षक रंजित कुमार आंनत कें द्वारा फोन-पे तो होगा ही एक नंबर बताता हूं उसमें भेज दो कहने लगा।
मैं शाम का समय लगभग पौने 6 बजे अंधेरा हो जाने से मुझे जल्दी घर जाना था, मजबूरी में उसके बताये हुए मो. नंबर पर मेरे नंबर द्वारा एक हजार रूपये फोन-पे की थी।’

