ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ)
(प्रकाश जैन)
वैवाहिक बंधन में बंधने के बाद आपसी मन मुटाव एवं वैचारीक मतभेदों के चलते पिछले 07 वर्षों से अलग रह रहे पति पत्नी ने न्यायालय परिसर में जीवन की नई शुरुआत करने का संकल्प लेकर पति पत्नी दोनों अपने घर लौट गए।
दोनों ने स्थानीय न्यायालय में चल रहे घरेलू हिंसा,दहेज प्रताड़ना एवं विवाह विच्छेद जैसे मामलों को दरकिनार कर एक साथ जीवन यापन करने का साहसिक निर्णय लिया। घर पहुंचने पर दोनों परिवार के परिजनों ने पति पत्नी को मालाओं से लादकर अगुवाई करते हुए स्वागत किया।स्वागत सत्कार पाकर दोनों पति-पत्नी अभीभूत हो उठे और खुशी के मारे आंखों में आंसू छलक आए।

मामले की मुख्य बात यह रही की दोनों का ग्रस्त जीवन 07 वर्षों से तनाव ग्रस्त व उठापटक चल रहा था,और अब उजड़ने के कगार पर पहुंच गया था। 07 वर्ष से दोनों के बीच काफी अलगाव हो रखा था।लेकिन अपर जिला एवम सेशन न्यायाधीश संख्या 03 ब्यावर विजय प्रकाश सोनी एवम सीजेएम कमल कुमार ने दोनों के बीच आपसी सुलह करवाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आखिरकार दोनों को एक नए जीवन का आगाज करने हेतु अधिवक्ता प्रवीण जैन एवम सुनील कौशिक की मौजूदगी में घर के लिए खुशी खुशी रवाना किया।
उल्लेखनीय है की सेजल पुत्री मूलचंद रांका ब्यावर निवासी एवं संजय पुत्र सुनील कछारा निवासी ब्यावर विगत 07 साल से ब्यावर में ही अलग-अलग रह रहे थे।
दोनों के बीच मामला विवाह विच्छेद (तलाक)तक पहुंच गया था। सेजल के एक पुत्र सक्षम भी था जिसकी उम्र 06 वर्ष लगभग थी। लेकिन दोनों ने एक बार फिर अपनी गृहस्थी को संभाल लिया l।इस मौके पर सेजल की माताजी सुनीता रांका एवं सासू सुमन कछारा ने सेजल को गले लगाकर खूब लाड़ लड़ाया।
यह नजारा देखकर मौजूद सभी की आंखें नम हो गई। दोनों का प्रताप कॉलोनी स्थित घर पहुंचने पर ढोल ढमाकों और बेंड बाजों से भव्य स्वागत किया गया। केक काटकर खुशियां मनाई गई। आपस में एक दूसरे का मुंह मीठा कर गले मिलकर खुशी बांटकर बधाइयां दी गई।
प्रकाश जैन वरिष्ठ पत्रकार
आशीष जैन फोटो जर्नलिस्ट
जयपुर ब्यावर

