सरगुजा में लैंड जिहाद : राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों की जमीन पर मुस्लिम समुदाय का कब्जा, शिकायत के बाद कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

सरगुजा में लैंड जिहाद : राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों की जमीन पर मुस्लिम समुदाय का कब्जा, शिकायत के बाद कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

सरगुजा(अमर छत्तीसगढ़) 7 मार्च । छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर इलाके के राजा कटेल गांव में पंडो विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लोगों की जमीन पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कलेक्टर और सरगुजा जिले के पुलिस अधीक्षक से की है।

शिकायत के बाद सरगुजा कलेक्टर ने एसडीएम को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर जमीन खाली कराने की मांग कर रहे हैं। इस मामले को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है और भारतीय जनता पार्टी ने तेज कार्रवाई की मांग की है।

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो समाज के लोग अंबिकापुर स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उनके साथ आदिवासी समाज के पदाधिकारी और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग भी मौजूद थे।

ग्रामीणों का कहना है कि कुछ साल पहले मुस्लिम समुदाय के दो-तीन लोग उनके गांव पहुंचे थे और उन्होंने बताया था कि वे बकरी खरीदने का काम करते हैं। उस समय उन्होंने कुछ दिनों के लिए बकरियों को रखने के लिए जमीन पर झोपड़ी बनाने की अनुमति मांगी थी।

ग्रामीणों का आरोप है कि शुरुआती दिनों में कुछ लोग ही आए थे, लेकिन धीरे-धीरे मुस्लिम समुदाय के अन्य लोग भी गांव में आने लगे। इसके बाद उन्होंने झोपड़ियां बनाकर रहना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब उनसे जमीन खाली करने के लिए कहा गया तो उन्होंने हटने से इनकार कर दिया और वहीं स्थायी रूप से रहने लगे।

गांव वालों का कहना है कि अब मुस्लिम समुदाय के लोग सरकारी योजनाओं का लाभ भी ले रहे हैं और खुद को गांव का निवासी बताने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार जब उनसे जमीन खाली करने के लिए कहा जाता है तो वे जान से मारने की धमकी देते हैं और वाहन से कुचलने की धमकी भी देते हैं। इसी कारण जनजातीय समुदाय के लोग भय के माहौल में जी रहे हैं और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में गांव में 200 से अधिक मुस्लिम समुदाय के लोग बस गए हैं। इनमें से अधिकतर लोग बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन लोगों ने जनजातीय परिवारों के करीब 20 लोगों की 15 एकड़ से अधिक जमीन पर कब्जा कर लिया है।

Chhattisgarh