ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 25 मार्च।
आचार्य श्री रामेश के शिष्य थोकडो के जानकार शासन दीपक श्री श्रुतप्रभ जी म सा ने समता भवन मे नियमित प्रवचन मे तत्व ज्ञान पर समझाया कि तत्व ज्ञान जितना बढेगा आत्मा उतनी जाग्रत होगी इसलिए तत्वो का जानना उस पर अमल करते जायेंगे तो जीवन हमारा धन्य हो जायेगा।
हम टर्न ओवर को प्रोफिट मान बैठते है जो गलत है असली कमाई धर्म की होती है, वो कमाई किधर से करनी उसका लक्ष्य सामने होना चाहिए।धर्म की असली कमाई अहिंसा होती है।
इससे पहले भजन से कहा सदकर्म करो सदकर्म करो सद कर्म सदा शुभ फल देता, अपने भीतर सयंम को बढाना है सम यानि अच्छा यम यानि नियम इसलिए सयंम की तरफ चलना है तभी आत्मा का विकास हो पायेगा और जीवो के प्रति प्रेम होता जायेगा। म सा ने पृथ्वीकाय के जीव इतने कठोर होते है हमारा पैर लगने पर भी मरते नहीं। आज से नवपद ओली शुरु हो रही स्वयं नियम बना ले नो दिन तक नमक नही खायें।
इससे पहले महासती श्री पूजिता श्रीजी म सा ने कहा जिस रास्ते से बडे बडे शेर होते हे उस रास्ते की विपत्ति पर चलना आ गया तो समझो उसकी जीवन की गाडी पटरी पर चल पडी, नियत का अलार्म लगा दिया वो बजता है तो सफल नही बज पाता तो जयराम की।
नियम मे छूट नही होती छूट होगी तो लूट होगी। सप्ताह मे एक दिन सपरिवार धर्म अराधना करें।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

