ब्यावर(अमर छत्तीसगढ़) 5 मई। समता भवन मे आज आचार्य श्री रामेश के शिष्य शासन दीपक श्री श्रुतप्रभ जी म सा ने बताया कि जैसे मेघ गर्जना होती है तो 48 कोस तक सुनायी देती है और मोर नाचने लगता है अब बारीश आने वाली है वह जल का महत्व समझता है सब कुछ जल ही देता है अनाज, सब्जी फल पोधे के अलावा अग्नि भी पानी से उत्पन्न होती है क्योकि हर चीज पानी पर टिकी है।
इसी प्रकार भगवान की ऋषभ देव की वाणी भी 48 कोस तक लोगो को सुनायी देती है इसको सुनकर अनंत लोग महापुरुष बन गये क्योंकि वह हमारे जीवन को चलाने वाली ओर तिराने वाली होती है।
म सा ने कहा भगवान की वाणी जिसके लिए सबसे कल्याण कारी होती वह साधु श्रावक बन जाते है, भगवान अनाशक्त थे उनमे सबसे बडा गुण अनाशक्ती का होता है कोई लोभ नही होता,उनकी वाणी मे तेज रहता है उसी के प्रभाव से आज तक जिनवाणी सुनने को मिल रही है और आगे भी मिलती रहेगी।
भजन से कहा लाखो को पार लगाया है भगवान तुम्हारी वाणी ने..
म सा ने बताया घाणेन्द्रिता चिंटी की होती है जो दुर से सुंघकर चली आती है, हाथ ज्ञानी का बडा होता है जो दुसरे के काम आता है, पेर गुरु का बडा होता है इसे पकडने से अच्छे अच्छे तीर जाते है जैसे अर्जुन माली, गोतम स्वामी ने भगवान महावीर के पेर पकडने से मोक्ष चले गये।
म सा ने बताया हमारी भी भगवान की वाणी पर श्रद्धा होनी चाहिए जैसे अर्जुन माली, गोतम स्वामी, कृष्ण महाराज की थी, हमारे जितने कर्म उदय मे होगे उतनी सोच बडी होगी, महापुरुषों की सोच बडी होती है हमारी सोच को त्याग करे महापुरुषों की सोच अपनावें।
इससे पहले शासन दीपिका श्री पराग श्रीजी म सा ने नवकार मंत्र पर कहा यह मंत्र महाशक्ति शाली है सारे पापो का नाश करने वाला है, सच्चे मन से मंत्र का जाप करने से मन मे तंरग पैदा हो जाती है, इसके ध्यान करने से फल जरुर मिलता है।अपने बच्चों को जैनेत्व का संस्कार देने से उनका भाग्योदय जल्दी हो जाता है।
म सा ने बताया घर मे सबसे पहले नवकार मंत्र का स्वर सुनायी देना चाहिए इससे घर की नेगेटिव ऊर्जा बाहर चली जाती है, इसकी सामूहिक प्रार्थना करने से इसका असर जल्दी शुरु हो जाता है। म सा ने बताया सहधर्मी को जय जिनेन्द्र बोलना चाहिए जय जिनेन्द्र मे आत्मियता झलकती है,वैर विरोध खत्म कर सकता है, यह हमारी पुण्यवाणी बढाता है साथ ही कर्मो की निर्जरा कर देता है।
संचालन विजय औस्तवाल ने करते हुए कहा आज रतलाम मे संथारा साधिका किर्तीयशा जी म सा का चोविहार संथारा गतिमान है आज धर्म सभा का सार जितना छोटा बनोगे उतना जल्दी मोक्ष पायेगे, जय जिनेन्द्र बोलते ही सारे काम हो जाते हैं।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

