आरसीबी को भाया छत्तीसगढ़ : खिलाड़ियों ने खाए छत्तीसगढ़िया व्यंजन, कैप्टन पाटीदार को आदिवासी इतिहास से हुए प्रभावित, क्रुणाल पंड्या ने गोदना कला की तारीफ

आरसीबी को भाया छत्तीसगढ़ : खिलाड़ियों ने खाए छत्तीसगढ़िया व्यंजन, कैप्टन पाटीदार को आदिवासी इतिहास से हुए प्रभावित, क्रुणाल पंड्या ने गोदना कला की तारीफ

रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 11 मई । रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरू ने इस साल रायपुर को अपना दूसरा होम ग्राउंड बनाया है। टीम अपने दो मैच खेलने के लिए रायपुर के मायरा रिसोर्ट में रुकी हुई है। जहां टीम के खिलाड़ियों ने स्थानीय संस्कृति और खानपान का जमकर आनंद लिया।

आरसीबी के प्लेयर्स को छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कांदा भाजी, चरोटा भाजी और रागी से बने व्यंजन परोसे गए। गर्मियों से राहत के लिए खिलाड़ियों ने बस्तर के प्राकृतिक तिखुर शरबत का स्वाद भी चखा।

कैप्टन रजत पाटीदार ने आदिवासी इतिहास को सराहा कैप्टन रजत पाटीदार ने कहा कि, मुझे यह बहुत पसंद आया, खासकर जब हम अंदर गए और उन्होंने ड्रम के साथ ट्रेडिशनल म्यूज़िक बजाया, जबकि लोग डांस कर रहे थे। हमें यहां के ट्राइबल कम्युनिटी और उनके इतिहास के बारे में भी जानने का मौका मिला, जो वाकई में खास था।

प्लेयर्स के लिए शाम की एक खास बात मशहूर गोदना आर्ट फॉर्म को खोजना था, जो ट्राइबल कल्चर में गहराई से जुड़ा एक ट्रेडिशनल टैटू प्रैक्टिस है, जो अब पीढ़ियों तक आर्ट को बचाए रखने के लिए टेक्सटाइल और कपड़ों के डिज़ाइन में बदल गया है।

क्रुणाल पंड्या गोदना कला और संस्कृति से हुए प्रभावित क्रुणाल पंड्या खास तौर पर आर्टवर्क के पीछे की कारीगरी और कहानी कहने के तरीके से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि, मैं पहली बार रायपुर आ रहा हूँ और यह बहुत कमाल का रहा।

मैंने छत्तीसगढ़ और रायपुर की रिच विरासत और कल्चर को एक्सप्लोर किया। यहाँ के लोग बहुत हुनरमंद हैं, हैंडीक्राफ्ट, कला और उन्होंने इसे कैसे संभालकर रखा है, इसके बारे में जानना वाकई बहुत अनोखा था। यह देखना कमाल का है कि कल्चर और परंपराओं को कैसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

आरसीबी के सीईओ राजेश मेनन ने रायपुर की गर्मजोशी और स्वागत की तारीफ करते हुए कहा कि यहां उन्हें बिल्कुल घर जैसा महसूस हो रहा है। सीएम विष्णु देव साय की पहल से रायपुर में 10 साल बाद आईपीएल की वापसी हुई है, जिससे राज्य की पहचान खेल जगत में और मजबूत होगी।

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