जशपुर(अमर छत्तीसगढ़) 17 जुन । छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) अंबिकापुर की टीम ने जशपुर जिले में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत मनोरा के प्रभारी एसडीओ (आरईएस) एवं उप अभियंता संजय कुमार दिवाकर को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम कपरोल (हड़िकोना) निवासी एवं पूर्व उप सरपंच रीतु राम यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2022-23 में मनरेगा के तहत कराए गए गेबियन संरचना निर्माण कार्यों के मूल्यांकन एवं भुगतान प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में प्रभारी एसडीओ संजय कुमार दिवाकर द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी अधिकारी ने प्रारंभ में 70 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में करीब छह माह तक मूल्यांकन लंबित रखने के बाद 50 हजार रुपये मांगे गए। रकम मिलने पर मूल्यांकन कराया गया, लेकिन मूल्यांकन रिपोर्ट का सत्यापन कर बिल भुगतान कराने के लिए फिर से 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई।
रिश्वत से परेशान शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी एसीबी अंबिकापुर को दी। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच हुई बातचीत में मोलभाव के बाद रिश्वत की राशि 25 हजार रुपये तय हुई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।
बुधवार को एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी संजय कुमार दिवाकर को शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
एसीबी की यह कार्रवाई प्रदेश में सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

