बलरामपुर(अमर छत्तीसगढ़) 7 जुलाई । छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में नाबालिग से लैंगिक उत्पीड़न के बहुचर्चित मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। फूड इंस्पेक्टर निखिलेश टेम्भुने और उसके सहयोगी शाहरुख को दोषी ठहराते हुए 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने मामले से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए कलेक्टर को भी निर्देश दिए हैं।
प्रकरण में पीड़िता की मां ने 11 जनवरी 2022 को रामानुजगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, नाबालिग को फूड इंस्पेक्टर के कार्यालय में काम पर रखा गया था, जहां उसके साथ लैंगिक उत्पीड़न किया गया। पुलिस विवेचना के बाद मामला विशेष पॉक्सो न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विशेष न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट-POCSO) शुभ्रा पचौरी ने सुनवाई के बाद फूड इंस्पेक्टर निखिलेश टेम्भुने को पॉक्सो एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया।
उन्हें 5 वर्ष तक के सश्रम कारावास (विभिन्न धाराओं के अनुसार) और कुल 24 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं सह-आरोपी शाहरुख को पॉक्सो एक्ट की धारा 16/17 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
निर्णय में न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि नाबालिग को अवैध रूप से नौकरी पर रखने और राशन कार्ड से जुड़े आवेदकों से पैसे वसूले जाने के आरोपों की जांच की जाए। इसके लिए कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंज को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

