राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 10 जुलाई।
शहर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों ने शुक्रवार को नगर निगम के नवपदस्थ आयुक्त जी.आर. मरकाम को ज्ञापन सौंपकर मोहारा फिल्टर प्लांट की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि शोधन संयंत्र में पर्याप्त मात्रा में फिटकरी का उपयोग नहीं किए जाने के कारण शहरवासियों के घरों तक गंदा और मटमैला पानी पहुंच रहा है जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो निगम कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
उन्होंने ने कहा कि यह मामला सीधे शहर की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा है। इसलिए महापौर को इस गंभीर विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो और नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की है।
उन्होंने नए आयुक्त जी.आर. मरकाम से अपेक्षा जताई कि वे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करेंगे और फिल्टर प्लांट की व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करेंगे।
श्री पिल्ले ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निगम प्रशासन ने शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए और शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया तो कांग्रेस पार्षदों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा नगर निगम कार्यालय का घेराव कर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
जिसकी पूरी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले के साथ पार्षद सतीश मासीह, पार्षद सुनील साहू, पार्षद अमीन हुड्डा, पार्षद श्रीमती संगीता देवांगन, पार्षद प्रतिनिधि युवराज डिडहेर, छोटेलाल रामटेके, ऋषि शास्त्री सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

